अमेरिका और कनाडा समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में बसने की चाह पंजाब के युवाओं में नई नहीं है। सही और गलत रास्ते से जाने वालों की संख्या भी कम नहीं है। किसी भी कीमत पर विदेश में बसने की चाह ने ही अवैध अप्रवासन का खेल शुरू किया।
ओलंपिक खिलाड़ी तक हो गए गायब
पंजाब के दो मुक्केबाज लक्खा सिंह और गुरचरण सिंह, जिन्होंने एशियाई खेलों में पदक जीते थे और ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, वह अमेरिका में आधिकारिक खेल दौरे के दौरान गायब हो गए। कपूरथला पुलिस ने पहलवान से फिल्म स्टार बने दारा सिंह के दामाद और बेटी सनी गिल और लवलीन पर 78 युवकों से 3 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में मामला दर्ज किया था, जो उन्होंने कुश्ती टीम के सदस्य के रूप में कनाडा जाने का वादा करके उनसे वसूले थे। इसी तरह जालंधर की एक संदिग्ध क्रिकेट टीम की पांच महिला खिलाड़ी लंदन में लापता हो गईं, तो पंजाब में कबूतरबाजी का शोर मचने लगा।
2005 तक परवान चढ़ा रहा कबूतरबाजी का धंधा
पंजाब में 2005 तक कबूतरबाजी का यह धंधा खुलेआम जारी रहा। जालंधर के एक नामचीन स्कूल का ट्रिप अमेरिका में बच्चों को लेकर गया, लेकिन उसके दसवीं क्लास के बच्चे वहां से गायब हो गए। पता चला कि वह रात को होटल से बाहर निकले और रिश्तेदार की कार में बैठकर खिसक गए। कई स्कूलों के खिलाफ जांच शुरू हुई, लेकिन खेल में लाखों रुपये की राशि थी लिहाजा मामले दबा दिए गए। कई स्कूल तो राष्ट्रीय स्तर पर पहचान वाले थे।
गायक दलेर मेहंदी पर भी दर्ज हुआ था कबूतरबाजी का केस
खेल और स्कूलों के बाद नंबर आया गायकों व स्टेज शो करने वालों का। साल 2003 था। उस वक्त के सबसे बड़े पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी पर कबूतरबाजी का केस दर्ज हुआ था। दलेर और उनके भाई शमशेर सिंह पर लोगों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें अपने ग्रुप का सदस्य बनाकर गैरकानूनी ढंग से विदेश भेजने के आरोप थे। 15 साल बाद 16 मार्च, 2018 को पटियाला की जुडिशियल मजिस्ट्रेट निधि सैनी की अदालत ने मेहंदी को धोखाधड़ी और साजिश रचने का दोषी पाया और उन्होंने दो साल की सजा सुनाई थी।
अब डंकी रुट पर गंवा रहे जान...
26 दिसंबर 1996 को माल्टा के पास नाव पलटने से डूबकर कई पंजाब के युवा मारे गए। इस बोट में कुल 565 लोग सवार थे, जो मुख्य रूप से भारतीय, पाकिस्तानी, श्रीलंकाई और बांग्लादेशी थे। वे बेहतर जीवन की उम्मीद में यूरोप की ओर रवाना हुए थे। वह अवैध रूप से इटली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।