हरियाणा सरकार ने अब कर्मचारियों के जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) में राशि जमा कराने की लिमिट तय कर दी है। अब कर्मचारियों और अधिकारियों की पांच लाख रुपये तक की राशि ही आयकर फ्री होगी। कोई अधिकारी साल में इससे अधिक राशि जमा कराता है तो लिमिट से अधिक जमा कराई गई राशि टैक्स के दायरे में आएगी।
हरियाणा के वित्त सचिव ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले हरियाणा में जीपीएफ में राशि जमा कराने को लेकर कोई लिमिट तय नहीं थी। सरकार के संज्ञान में आया कि कई अधिकारी और कर्मचारी आयकर से बचने के लिए हर माह मोटी रकम जीपीएफ में जमा कराते हैं। जीपीएफ में राशि पर टैक्स नहीं है और इस पर आठ प्रतिशत से अधिक ब्याज दिया जाता है।
पहले जीपीएफ में जमा कितनी ही राशि पर टैक्स नहीं देना पड़ता था। अब सरकार ने प्रावधान कर दिया है कि एक वित्त वर्ष में कर्मचारी पांच लाख रुपये की राशि जमा कराता है तो वह टैक्स फ्री रहेगी।
उदाहरण के तौर पर अगर कोई पांच लाख रुपये के बजाय छह लाख रुपये जमा कराता है तो एक लाख रुपये पर जो 8 प्रतिशत के हिसाब से राशि बनेगी, वह राशि टैक्स के दायरे में आएगी। हर साल एजी (अकाउंट जनरल )ऑफिस जब कर्मचारियों और अधिकारियों का लेखा जोखा देखेगी तो उसे टैक्स की राशि को काट लिया जाएगा।