चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में होने वाली 26 शिक्षकों की नियुक्तियां अभी देरी से होंगी। बताया जाता है कि सीनेट व सिंडिकेट चुनाव पर अभी निर्णय नहीं आया है। जब निर्णय आएगा उसके बाद ही कुछ बात बनेगी। तब तक दूसरे विभागों में खाली पड़े पदों के लिए भी रिक्तियां निकाली जा सकती हैं। हालांकि तैनाती इन पर भी बाद में ही होगी।
पीयू में पिछले साल 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की रिक्तियां निकाली गई थी। इन रिक्तियों के लिए आवेदन मांगे गए। लगभग 1200 लोगों ने इसके लिए आवेदन किए थे। जैसे ही यह प्रकरण सिंडिकेट में पहुंचा तो इस पर रोक लगा दी गई। सिंडिकेट के सदस्यों ने कहा कि जो रिक्तियां निकाली गई हैं, वह ठीक नहीं है। जहां जरूरत है वहां रिक्तियां निकाली नहीं गई। इसके लिए सभी विभागों के रिकॉर्ड की जांच करने की बात सामने आई और कमेटी बना दी गई। कमेटी ने नौ रिक्तियों को मंजूरी दे दी, लेकिन बाद में इन पर भी रोक लग गई और आखिरकार मामला दब गया। आवेदन ठंडे बस्ते में डाल दिए गए। कुछ ही आवेदनों की जांच हुई थी। पिछले दिनों चर्चा हुई मार्च तक इन पर भर्तियां कर ली जाएंगी, लेकिन अब मामला और आगे बढ़ता दिख रहा है। क्योकि सीनेट चुनाव को लेकर प्रकरण हाईकोर्ट में चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि जब तक इस पर कोई निर्णय नहीं होता तब तक रिक्तियां आगे नहीं बढ़ेंगी।
गेस्ट फैकल्टी से चलाएंगे काम
अगर फरवरी या मार्च में पीयू कैंपस खोला गया और कक्षाएं लगना शुरू हुई तो ऐसे में शिक्षकों की आवश्यकता होगी। इसके लिए पीयू को फिर से गेस्ट फैकल्टी को बुलाना होगा। लगभग 100 शिक्षक इस कार्य में लगाए जाएंगे। पीयू वर्तमान में गेस्ट फैकल्टी से काम नहीं ले रही है, क्योंकि विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाना है। ऐसे में उनके पढ़ाने की मॉनीटरिंग नहीं हो पाएगी।
नैक के दौरे का समय नजदीक आ रहा
पीयू का नैक दौरा 2022 में होगा। धीरे-धीरे समय नजदीक आ रहा है और पीयू सो रही है, क्योंकि नैक ने सबसे पहले यही सुझाव दिया था कि छात्रों के मुताबिक शिक्षकों की संख्या कम है। इसलिए मानक के मुताबिक शिक्षक रखे जाएं। इसके बाद पीयू ने प्रक्रिया शुरू की, लेकिन आगे नहीं बढ़ी। पिछले साल पहल की गई, लेकिन सिंडिकेट ने अड़ंगा लगा दिया। हालांकि अधिकारियों का रुख बता रहा है कि जुलाई या अगस्त तक रिक्तियां भर ली जाएंगी। साथ ही अन्य पदों पर भी भर्तियां हो सकती हैं।