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पंजाब में बदल सकते हैं कई मंत्रियों के विभाग, प्रदेश कांग्रेस में भी बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट

Fri, 02 Nov 2018 01:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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congress - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब सरकार और सत्ताधारी कांग्रेस में कई बड़े फेरबदल होने की चर्चा जोरशोर से शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के विदेश यात्रा से लौटते ही कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव होगा, वहीं आलाकमान की रजामंदी के पंजाब कांग्रेस में भी फेरबदल हो सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सांसद सुनील जाखड़ को विभिन्न राज्यों में पार्टी संगठन की देखरेख का जिम्मा सौंप सकता है। जबकि पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष का पद किसी दलित नेता को सौंपा जा सकता है।

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 वैसे दलित नेता के रूप में इस पद की दौड़ में राजकुमार वेरका का नाम सबसे आगे है। दरअसल, इसके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि कैप्टन के पंजाब लौटने के बाद ‘मीटू’ के मामले को लेकर सुर्खियों में आए मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर गाज गिर सकती है, जिन्हें लेकर गुरुवार को यह खबरें भी आईं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया। वहीं चन्नी ने अपने बचाव में यह भी कहना शुरू कर दिया है कि वे दलित समाज से हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

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प्रदेश इकाई के एक नेता का कहना है कि दलितों को अनदेखी का आरोप पंजाब कैबिनेट के विस्तार के समय भी सरकार पर लगा था और यह मुद्दा दिल्ली दरबार तक पहुंच गया था। आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस दलित कार्ड का सहारा लेते हुए सूबे में पार्टी का अध्यक्ष पद दलित नेता को सौंपने पर विचार कर रही है। वहीं, कैबिनेट में कई मंत्रियों को इधर-उधर किया जाएगा, जिसमें ऐसे मंत्री जो अपने मौजूदा विभागों से खुश नहीं हैं और ऐसे मंत्री जो अपने विभागों का काम ठीक से नहीं देख रहे, को बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। 

आलाकमान ने तैयार कराई गुप्त रिपोर्ट
माना जा रहा है कि कैबिनेट में यह बदलाव भी आलाकमान के इशारे पर होगा, क्योंकि प्रदेश के अनेक कांग्रेस विधायक बार-बार आलाकमान से कई मंत्रियों का नाम लेते हुए शिकायतें कर रहे हैं कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही। ऐसी भी शिकायत आलाकमान तक पहुंचीं है कि कई मंत्री केवल अपने दफ्तर में ही पार्टी वर्करों से मिलते हैं जबकि कई मंत्री ऐसे हैं जो लंबे समय से अपने आफिस में ही नहीं उपलब्ध हो रहे। यह भी पता चला है कि मंत्रियों के बारे में शिकायतों के आधार पर आलाकमान ने प्रदेश में एक गुप्त रिपोर्ट तैयार करवाई है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में फैसले होंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री विदेश से लौटने के बाद पार्टी आलाकमान से मिलने जाएंगे, जहां अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
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