प्रदेश इकाई के एक नेता का कहना है कि दलितों को अनदेखी का आरोप पंजाब कैबिनेट के विस्तार के समय भी सरकार पर लगा था और यह मुद्दा दिल्ली दरबार तक पहुंच गया था। आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस दलित कार्ड का सहारा लेते हुए सूबे में पार्टी का अध्यक्ष पद दलित नेता को सौंपने पर विचार कर रही है। वहीं, कैबिनेट में कई मंत्रियों को इधर-उधर किया जाएगा, जिसमें ऐसे मंत्री जो अपने मौजूदा विभागों से खुश नहीं हैं और ऐसे मंत्री जो अपने विभागों का काम ठीक से नहीं देख रहे, को बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।
आलाकमान ने तैयार कराई गुप्त रिपोर्ट
माना जा रहा है कि कैबिनेट में यह बदलाव भी आलाकमान के इशारे पर होगा, क्योंकि प्रदेश के अनेक कांग्रेस विधायक बार-बार आलाकमान से कई मंत्रियों का नाम लेते हुए शिकायतें कर रहे हैं कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही। ऐसी भी शिकायत आलाकमान तक पहुंचीं है कि कई मंत्री केवल अपने दफ्तर में ही पार्टी वर्करों से मिलते हैं जबकि कई मंत्री ऐसे हैं जो लंबे समय से अपने आफिस में ही नहीं उपलब्ध हो रहे। यह भी पता चला है कि मंत्रियों के बारे में शिकायतों के आधार पर आलाकमान ने प्रदेश में एक गुप्त रिपोर्ट तैयार करवाई है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में फैसले होंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री विदेश से लौटने के बाद पार्टी आलाकमान से मिलने जाएंगे, जहां अंतिम फैसला लिया जा सकता है।