जीरकपुर। बरसात का मौसम शुरू होने से पहले विभाग की ओर से सुखना चो की साफ का काम जोरों से शुरू कर दिया है। सुखना चो में झाड़ियां व घास-फूस पैदा हो गई थी, जो सुखना झील से पानी झोड़े जाने के बाद बड़ी रुकावट पैदा करते थे और यहां बाढ़ जैसे हालात बन जाते थे। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने सुखना चो की साफ सफाई शुरू कर दी है। इसे एक महीने के अंदर-अंदर पूरा कर दिया जाएगा।
विभाग ने इसके लिए 1.04 करोड़ रुपये का टेंडर सरकार की ओर से लगाया गया है। इसमें चार से पांच फुट तक जितनी पाइपों की गहराई है वहां तक खोदाई की जाएगी। एक्सईएन सरबजीत सिंह ने बताया कि सबसे कम रेट देने वाली कंपनी द्वारा टेंडर लगने के बाद ही काम शुरू किया गया है। पांच हजार फुट लंबाई तक सुखना चो की सफाई की जाएगी। सफाई के दौरान जितना भी मटेरियल निकाला जा रहा है, उसे पास ही डंप किया जा रहा है। सुखना चो के बेड को दो हिस्सों में बांटकर सफाई की जाएगी ताकि वेस्ट मटेरियल निकालने वाले ट्रक उसमें न फंसे। पहले आधे बेड की सफाई की जाएगी। उसके बाद बाकी बचे आधे बेड की सफाई की जाएगी। मानसून आने से पहले पहले इसका काम पूरा कर दिया जाएगा ताकि लोगों को समस्या न हो।
दो वर्ष पहले सुखना झील से छोड़ा था पानी तो बन गए थे बाढ़ जैसे हालात
जिक्रयोग है कि दो वर्ष पहले सुखना झील में ज्यादा बरसात होने के कारण पानी का लेवल काफी ऊपर आ गया था। इसके चलते सुखना झील के फ्लड गेट खोल दिए गए थे और बलटाना क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी। इस कारण सुखना चो के नजदीक बनी बलटाना चौकी, बड़ी पार्क श्मशान घाट व आसपास की बिल्डिंगों में पानी भर गया था। यहां तक कि पुलिस चौकी का काफी रिकाॅर्ड भी खराब हो गया था। पुलिस चौकी में दो से तीन फुट तक पानी भरने से पुलिस वालों को सारा सामान बाहर निकालना पड़ा था। इसके बाद पिछले दो वर्षों में यहां और भी निर्माण सुखना चो के नजदीक बन गए हैं। इनमें पानी आने का खतरा है। वहीं, लोगों का कहना है कि प्रशासन को भी ध्यान देना चाहिए कि सुखना चो के बेड के नजदीक कोई भी निर्माण न हो।