चंडीगढ़। शहर में डेंगू के मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या से तनाव बनता जा रहा है। जीएमएसएच-16 के डेंगू वार्ड के बेड लगभग फुल हो चुके हैं। वहीं, ओपीडी में सबसे ज्यादा बुखार के मरीज आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। वीरवार को डेंगू के मरीजों की संख्या 250 तक पहुंच गई। हर दिन डेंगू के आठ से दस केस आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुखार, उल्टी, नाक और मुंह से खून आना, अधिक प्यास लगना, अधिक थकान होना, सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टर की सलाह लेने और डेंगू की जांच की सलाह दी है।
इन जगहों पर करवाए जांच
पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, सिविल अस्पताल मनीमाजरा, सिविल अस्पताल सेक्टर-22 और सिविल अस्पताल सेक्टर-45। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर-76260-02036 पर संपर्क कर सकते हैं।
बचाव के लिए ये दिशा निर्देश
-घरों के आसपास पानी जमा न होने दें
- मच्छर अक्सर घरों में पैदा होते हैं। फ्रिज से जो पानी निकलता है, उसमें भी लार्वा बनते हैं
- बोतल के छोटे से ढक्कन में पानी होने पर भी लार्वा बन सकता है
- कूलर में इसके पनपने का ज्यादा खतरा रहता हैं। इसलिए हर हफ्ते कूलर का पानी बदलें
- कूलर का पानी निकालने के बाद उसे सूखने दें। फिर उसमें पानी भरे
- जहां पर पानी रहता है, वहां पर एक बार केरोसिन तेल जरूर डाल दें
- गमले चाहे घर के भीतर हों या बाहर, इनमें पानी जमा न होने दें।
-गमलों के नीचे रखी ट्रे भी खाली करना न भूलें।
- छत पर टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें या उलटा कर रखें। पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें।
- पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करके साफ करने के बाद पानी भरें।
- घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव जरूर करें।