चंडीगढ़। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत अब शुक्रवार से सिर्फ 226 पेट्रोल दोपहिया वाहनों का कोटा ही बाकी रह गया है। इसके बाद शहर में पेट्रोल दोपहिया वाहनों का पंजीकरण फिर बंद हो जाएगा। इससे दोपहिया वाहन डीलरों की धड़कनें बढ़ गई हैं।फेस्टिवल सीजन के चलते शहर में तेजी से वाहनों की बिक्री हो रही है। यही कारण है कि राहत देने के बावजूद ये कोटा खत्म होने वाला है। ईवी नीति के लागू होने के बाद से दो बार पेट्रोल बाइकों का पंजीकरण बंद हो चुका है। 18 अक्टूबर को प्रशासन ने राहत देते हुए 1609 बाइकों के पंजीकरण को मंजूरी दी। इसके बाद रोजाना 200 से 250 बाइकें रोजाना पंजीकृत हुई हैं। ईवी नीति के इस साल के लक्ष्य के तहत पेट्रोल दोपहिया वाहन अब सिर्फ 226 ही पंजीकृत हो सकती हैं। अब तीसरी बार कोटा बढ़ाया जाएगा या नहीं, इसे लेकर प्रशासन के अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। यूटी प्रशासन ने सितंबर 2022 में ईवी नीति की घोषणा की थी और पांच साल के लिए लक्ष्य तय किए थे लेकिन प्रशासन ने कैपिंग बहुत सख्त कर दी थी, जिसके बाद तीन जुलाई को पहली बार संशोधन किया गया और बाइकों के कोटे को ढाई गुना बढ़ा दिया गया। हालांकि, ये कोटा भी जल्द ही खत्म हो गया और 18 अक्तूबर को दूसरी बार नीति में संशोधन करना पड़ा।