डेंगू के बुखार से पंजाब के खन्ना में दो दिन में तीन लोगों की मौत हो गई। खन्ना काउंसिल के कर्मचारी कुलदीप कुमार (46) निवासी कृष्ण नगर पिछले तीन चार दिन से डेंगू बुखार से पीड़ित था।
उन्होंने पहले खन्ना के सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करवाया। आराम न मिलने पर वह मोहाली के निजी अस्पताल चले गए जहां रविवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं खन्ना निवासी संदीप कुमारी (33) भी चार पांच दिन से खन्ना के निजी अस्पताल में डेंगू बुखार का इलाज करवा रही थी।
संदीप बठिंडा की थी। हालत ज्यादा खराब होने के कारण उसके माता-पिता उसे बठिंडा ले जाने के लिए रविवार शाम खन्ना पहुंचे। रविवार रात जब वह उसे बठिंडा लेकर जा रहे थे तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। खन्ना निवासी जगदीश ठेकेदार (50) को भी डेंगू बुखार की शिकायत थी।
वह पिछले कई दिन से खन्ना के सरकारी अस्पताल में इलाज करवा रहा था। शनिवार रात वह चंडीगढ़ पीजीआई में दाखिल हो गया जहां सोमवार को उसने दम तोड़ दिया। इससे पहले मनोज कुमार (34) की पिछले रविवार की रात डेंगू से मौत हो गई थी। कुछ दिन पहले चार साल की बच्ची महकजोत कौर और 50 साल की पिंकी ने भी डेंगू बुखार के चलते दम तोड़ दिया था।
वहीं लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते प्रशासन ने दवा का छिड़काव करवाया होता तो इस तरह डेंगू का कहर न बढ़ता। खन्ना निवासी अरुण कुमार, मनीष कुमार, मनजीत सिंह, जतिंदर कुमार, कमलजीत कुमार और सुखदेव सिंह का कहना है कि जब भी कोई मरीज सरकारी अस्पताल में जाता है तो न उसका टेस्ट करवाया जाता है और न ही टेस्ट लिखा जाता है बस दवाई शुरू कर दी जाती है।