चंडीगढ़। कोरोना महामारी के बीच डेंगू का कहर बढ़ता जा रहा है। डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासन भी चिंतित है। जनवरी से सितंबर तक डेंगू के महज 30 मरीज थे, जबकि सिर्फ अक्तूबर में 60 मरीज सामने आए थे। वहीं, नवंबर महीने के महज 4 दिनों में 54 मरीज सामने आ चुके हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बचाव कार्य तेज कर दिया है। अब तक 20 हजार से ज्यादा घरों का सर्वे किया जा चुका है। वहीं, अस्पतालों के साथ अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को पंफलेट बांटे जा रहे हैं।
संकट की घड़ी में जनता से मदद की अपील
जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि डेंगू के मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण ब्लड बैंक में खून की कमी हो गई है। उन्होंने अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में रक्तदान कर डेंगू के मरीजों के साथ अन्य मरीजों की जान बचाने में स्वास्थ्य विभाग की मदद करें। लोग डेंगू से बचाव के मानकों का सावधानीपूर्वक पालन करें।
अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई तेज
मच्छर जनित बीमारियों पर काबू के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। डॉ. नागपाल ने बताया कि मलेरिया विभाग ने अब तक 500 से ज्यादा लोगों को नोटिस दी है। इसमें कॉमर्शियल के साथ आवासीय भी शामिल हैं। मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के मानकों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
डेंगू के मरीज खाने-पीने का कैसे रखें ध्यान
-डेंगू के मरीज सादा पानी, नींबू पानी, दूध, लस्सी, छाछ और नारियल पानी ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पीएं। शरीर में पानी की कमी न होने पाए।
- मरीज के शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए हर दिन 4 से 5 लीटर लिक्विड जाना जरूरी है। हर 1 से 2 घंटे में कुछ न कुछ खाने-पीने के लिए देते रहें।
- यदि मरीज हर 3 से 4 घंटे में एक बार पेशाब जा रहा है तो मतलब खतरे से बाहर है।
- यदि पेशाब की मात्रा कम है तो मरीज को लिक्विड डाइट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
ये लक्षण हैं खतरनाक
डेंगू के होने पर शरीर की मांसपेशियों में दर्द होता है। सिर दर्द, जी मचलाना, आंखों में दर्द, उल्टी होना और बुखार कभी कम फिर ज्यादा आने लगता है। डेंगू के होने पर यह हड्डियों को खोखला और कमजोर बना देता है। ऐसे ही लक्षण कोरोना के समय में दिखाई देते है। इसमें भी ज्यादातर मरीजों को बुखार, सिर दर्द, जोड़ों में दर्द हो रहता है। इसलिए डॉक्टरों को दोनों में अंतर करना मुश्किल हो रहा है।
साल डेंगू के मरीज
2020 में अब तक 144
2019 286
2018 301
2017 1951