डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए यूटी प्रशासन ने लैब संचालकों को बड़ फरमान सुनाया है। इस पर जरूर अमल करें।
दरअसल, डेंगू टेस्ट की फीस अदा करना हर आम इंसान के बस की बात नहीं है। इसलिए यूटी प्रशासन ने टेस्ट की फीस तय कर दी थी, बावजूद इसके वे मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इस संबंध ने प्रशासन ने नया फरमान जारी किया है।
यूटी प्रशासन ने डेंगू टेस्ट की फीस 600 से 650 तय कर दी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के पास कई लैब संचालकों द्वारा मनमाने रेट वसूलने की शिकायतें आ रही थी।
हेल्थ सचिव ने निर्धारित फीस से अधिक वूसलने वालों पर कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। जानकारी अनुसार टेस्ट की मनमानी फीस वसूलने वालों पर 50 हजार तक का जुर्माना या लैब का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।
हेल्थ सचिव अनुराग अग्रवाल ने कहा कि डेंगू टेस्ट की फीस प्रशासन ने दिल्ली सरकार की तर्ज पर निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि 650 से अधिक फीस लेने वालों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
डमी मरीज बनकर छापेमारी
डेंगू टेस्ट के लिए मनमर्जी फीस वसूल करने वालों के पकड़ने के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। अधिकारियों के अनुसार लैब में डमी मरीज भेजकर मनमानी फीस वसूलने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
हेल्थ विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऐसे लैब संचालकों के बारे में सीधे हेल्थ सचिव को भी शिकायत दी जा सकती है। डेंगू हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज की जाएगी।