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मोदी सरकार की नोटबंदी से जुड़ी योजना का यहां ऐसे उड़ रहा मजाक

Sun, 11 Dec 2016 12:55 AM IST
अतुल गर्ग/अमर उजाला, मोरनी।
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कैशलेस
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मोरनी और आसपास के इलाकों में केंद्र की कैशलेस योजना दम तोड़ रही है। इलाके के अधिकांश क्षेत्रों में इंटरनेट तो दूर यहां लोग मोबाइल पर पूरी तरह बात भी नहीं कर पाते हैं। 
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केंद्र सरकार की कैशलेस योजना के लिए मोबाइल नेटवर्क जरूरी है। वहीं मुख्य पर्यटन केंद्र टिक्कर ताल में तो हाल इससे भी बुरा है। टिक्कर ताल में बीएसएनएल कंपनी अभी तक टावर भी नहीं लगा सकी है। 

टूरिस्ट हब के रूप में उभरने वाला मोरनी आईटी सिटी चंडीगढ़ से केवल 35 से 40 किलोमीटर दूर है। लेकिन यहां मोबाइल की पर्याप्त रेंज नहीं है। टिक्कर ताल तक पहुंचने से 10 किलोमीटर पहले ही मोबाइल रेंज चली जाती है। 
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अब सवाल यह है कि जो सरकार अब तक लोगों को बात करने के लिए पूरी तरह मोबाइल की रेंज नहीं उपलब्ध करा सकी। वह किस तरह डिजिटल पेमेंट के लिए लोगों को जागरूक करेगी। 

अनहोनी होने पर सूचना भी नहीं दे सकते

कैशलैस
यहां के लोगों का कहना है कि मोरनी खंड की सबसे बड़ी पंचायत मांधना से लेकर, बडीशेर, नीमवाला, समलौठा, टिक्करताल, मोरनी से पंचकूला मार्ग, धामण व मोरनी गांव के अलावा भी बड़ा क्षेत्र मोबाइल नेटवर्क से वंचित है। 

इन इलाकों में रहने वाले लोगों को कैशलेस के बारे में जागरूक करना उनके साथ बड़ा मजाक करना जैसा है। सरकार को मोरनी में टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल समेत अन्य सभी कंपनियों को आदेश जारी कर पर्याप्त मोबाइल सुविधा देने के आदेश जारी करने चाहिए। 

लोगों ने बताया कि इलाके में मुख्य पर्यटन केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क न होने से पर्यटकों की संख्या कम रहती है। क्योंकि जितनी देर पर्यटक मोरनी व टिक्कर ताल में रहते हैं। उतनी देर के लिए उनका संपर्क दुनिया से कट जाता है जिस कारण यहां पर पर्यटक आने में परहेज भी करते है। 

अनहोनी होने पर सूचना भी नहीं दे सकते
मोरनी आते समय करीब 15 किलोमीटर के रास्ते बरवाला से मांधना में मोबाइल नेटवर्क  गायब हो जाता है। उसके बाद मोरनी से टिककर ताल जाते समय भी यही हालात होते हैं। 
पर्यटकों को सबसे अधिक दिक्कत शाम और रात के समय होती है, क्योंकि कोई भी अनहोनी होने पर इन रास्तों पर किसी भी माध्यम से सूचना नहीं दी जा सकती। 
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आखिर कब होगी बाबा की कृपा

कैशलेस - फोटो : social media
यही नहीं मोरनी खंड के लोग मजबूरी में हिमाचल के मोबाइल कनेक्शन चलाने को मजबूर हैं। क्योंकि हरियाणा का नेटवर्क आने के बजाय हिमाचल टेलीकॉम का नेटवर्क काम चलाने लायक आ ही जाता है। 

जियो भी मोरनी से कोसों दूर
लोग तंज कसते हैं कि देश के लो जियो के 4 जी का मुफ्त आनंद उठा रहे हैं, उस जमाने में मोरनी के बाशिंदे किसी भी कंपनी के मोबाइल नेटवर्क को तरस रहे हैं। अगर हरियाणा सरकार मोरनी को टूरिस्ट हब बनाना चाहती है तो सबसे पहले यहां मोबाइल की पर्याप्त रेंज और पेट्रोल पंप की सुविधा उपलब्ध कराए। ताकि निवेश और पर्यटक दोनों बढ़ें।

आखिर कब होगी बाबा की कृपा
बाबा रामदेव ने भी हरियाणा सरकार को मोरनी में विश्व स्तरीय हर्बल फॅारेस्ट हब बनाने का आवेदन किया है। जिसे हरियाणा सरकार जल्द हरी झंडी देकर मोरनी को और अधिक विकसित करने का खाका तैयार कर रही है। जिसके बाद यहां राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन फिलहाल यहां मोबाइल नेटवर्क के लिए भी लोगों को जूझना पड़ रहा है।
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