पहले चरण में 19 मार्च से नगर निगम और चंडीगढ़ प्रशासन के अलग-अलग कार्यालयों में गेट मीटिंग की जाएगी। इस दौरान नगर निगम व प्रशासन में उनकी अलग पदों पर रहने के दौरान निगम के मुख्य अभियंता के तौर की गई अनियमितता की जांच कराने, कर्मचारियों, अधिकारियों व यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ की जा रही बदसलूकी व दुर्व्यवहार को उजागर करने व उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर तुरंत महत्वपूर्ण पद से हटाने की मांग होगी।
बैठक में फेडरेशन से संबंधित बिजली, पानी, सड़क बागवानी, व्वास्थ्य, बिजली, एम सी मनीमाजरा, ट्रांसपोर्ट, समाज कल्याण, जनसंपर्क आदि 16 विभागीय यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संघर्ष के दूसरे पड़ाव में दिनांक 27 मार्च को अलग-अलग विभागों में 30 से अधिक स्थानों पर विरोध रैलियां करने का भी फैसला किया गया। फेडरेशन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने बताया कि आठ अप्रैल को नगर निगम कार्यालय के बाहर बड़ा रोष धना देने का फैसला लिया गया। इस संबंध में नगर निगम व यूटी प्रशासन को 20 मार्च को नोटिस दिया जाएगा।