चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने यूजीलॉ 2026 प्रवेश परीक्षा में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए दोबारा परीक्षा कराने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि 26 अप्रैल को हुई यह परीक्षा गलत सवालों, अधूरी जानकारी और पारदर्शिता की कमी से प्रभावित रही, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है।
आईसा ने आरोप लगाया कि कई सवाल तथ्यात्मक रूप से गलत थे और कुछ में सही जवाब का विकल्प ही मौजूद नहीं था। संगठन के अनुसार एक सवाल में थंब्स-अप इमोजी को क्रॉस ऑफर बताया गया, जबकि कानून के अनुसार यह स्वीकार माना जाता है। वहीं रोहिंग्या समुदाय को म्यांमार की बजाय थाईलैंड से जोड़ दिया गया। इसके अलावा कई सवालों में सही विकल्प नहीं दिए गए और कुछ योजनाओं के नामों का कोई विश्वसनीय रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
उत्तर पुस्तिका देखने के मांगे जा रहे हैं 10 हजार रुपए
छात्र संगठन ने यह भी कहा कि परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को उनकी ओएमआर शीट की कॉपी नहीं दी गई। अगर कोई विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका देखना चाहता है तो उससे 10 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं, जो आम विद्यार्थियों के लिए संभव नहीं है। एआईएसए ने इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताया। संगठन ने मांग की है कि सभी गलत सवाल हटाए जाएं, ओएमआर शीट कम शुल्क या मुफ्त उपलब्ध कराई जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करवाई जाए। आईसा ने चेतावनी दी कि विद्यार्थियों के साथ अन्याय होने पर आंदोलन जारी रहेगा।