सरकार की वादाखिलाफी से नाराज अतिथि अध्यापकों का गुस्सा इस कदर फूट पड़ा है कि अब वे इच्छा मृत्यु की भी मांग करने लगे हैं।
आमरण अनशन पर बैठे दो विकलांग अतिथि अध्यापकों ने रविवार को अपने खून से राष्ट्रपति व सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने इच्छा मृत्यु दिए जाने की मांग कर डाली।
दोनों पांवों से अपाहिज भिवानी जिले के विनोद शर्मा व अधरंग से पीड़ित महेंद्रगढ़ जिले के योगेंद्र सिंह पिछले छह दिन से अनशन पर हैं। वहीं उनकी हालत भी लगातार बिगड़ती जा रही है।