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हरियाणा में बिजली संकट: बिजली चोरी पर सख्त हुई सरकार... तो मांग में आई एक करोड़ यूनिट की गिरावट

Tue, 13 Jul 2021 11:09 AM IST
निवेदिता वर्मा सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग 25.54 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई थी। सरकार ने दो दिन उद्योगों, फैक्टरी, गोदामों, ढाबे, आईस फैक्टरी, कोल्ड स्टोर आदि में दबिश देकर बिजली चोरी पकड़ी। इसके बाद बिजली की मांग घटकर 24.50 करोड़ यूनिट हो गई है। 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा में बिजली संकट से बचने के लिए सरकार की ओर से बिजली चोरों पर की गई सख्ती की योजना कारगार साबित हुई है। कार्रवाई का असर ये है कि अचानक ही बिजली की मांग में एक करोड़ यूनिट की गिरावट दर्ज की गई है। छापेमारी से पहले जहां 25.54 करोड़ यूनिट की खपत चल रही थी। अब पिछले दो दिनों से यह मांग घटकर 24.50 करोड़ यूनिट रह गई है। 

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बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने पहाड़ी राज्यों को उधार में दी गई 250 मेगावाट बिजली भी वापस लेनी शुरू कर दी थी। बावजूद इसके रोजाना मांग बढ़ती चली गई। 7 जुलाई को प्रदेश में बिजली की मांग रिकॉर्ड 12,125 मेगावाट तक पहुंच गई। प्रदेश की क्षमता 12,187 मेगावाट रोजाना की है। ऐसे में कुल क्षमता के बराबर डिमांड पहुंचते देख या तो सरकार को और बिजली खरीदनी पड़ती या फिर बिजली कट लगाने पड़ते। ऐसे में बीच का रास्ता निकालते हुए सरकार ने बिजली चोरों पर शिकंजा कसने का फैसला लिया। 


सरकार के आदेश के बाद 9 और 10 जुलाई को दो दिनों तक बिजली चोरों पर दबिश दी गई। इस दौरान करीब 13,985 किलोवाट की चोरी पकड़ी गई। जबकि अन्य बिजली चोरों ने छापे के भय से चोरी बंद कर दी। इससे मांग में काफी कमी दर्ज की गई। 

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ढाबे, गोदाम और कोल्ड स्टोर रहे निशाने पर

जैसे ही बिजली की रिकॉर्ड स्तर पर खपत बढ़ी तो निगम ने बिजली चोरी के संभावित इलाकों और वर्गों की सूची मांगी। इनमें से उद्योगों, फैक्टरी, गोदामों, ढाबे, आईस फैक्टरी, कोल्ड स्टोर आदि में चोरी की आशंका जताई गई। विभाग की ओर से दोनों दिनों में की गई छापेमारी इन्हीं पर फोकस रही। विभाग की सूचना के अनुसार, सबसे अधिक बिजली चोरी यहीं पर पकड़ी गई। दोनों दिनों में घरेलू और ग्रामीण एरिया में चेकिंग नहीं की गई। विभाग इसके लिए अलग से योजना तैयार कर रहा है। 

20 प्रतिशत स्थानों पर पकड़ी गई चोरी
9 और 10 जुलाई को बिजली निगमों की कुल 482 टीमों ने 21 जिलों में छापेमारी की। इस दौरान करीब 20 प्रतिशत स्थानों पर चोरी पकड़ी गई। टीमों ने 29,948 कनेक्शन चेक किए। इनमें से 6015 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी। यूएचबीवीएन में 2660 और डीएचबीवीएन में 3355 स्थानों पर चोरी पकड़ी गई। इन पर करीब 13,985 किलोवाट का लोड था। चोरी करने वाले उपभोक्ताओं पर करीब 2,562 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। 

जारी रहेगा चेकिंग अभियान 
प्रदेश में बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी विभाग लगातार ऐसी कार्रवाई करता रहेगा। हम उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने के लिए तैयार हैं। इसके लिए उपभोक्ता को ईमानदारी से बिजली बिल अदा करना चाहिए, तभी यह प्रक्रिया सुचारू हो सकती है। छापेमारी के बाद बिजली की मांग में कमी दर्ज की गई है। - पीके दास, एसीएस, बिजली विभाग।  

 
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