सेहत विभाग की ओर से भले ही गर्भवती महिलाओं को तमाम तरह की सरकारी सुविधाएं देने के दावे किए जाएं, लेकिन इन दावों की असलियत कुछ और ही है।
मोहल्ला छोटा दौलतपुर का ताजा वाकया इस मामले में सरकारी सेवाओं की हकीकत बयां कर रहा है। हुआ यूं कि ऐन वक्त पर एंबुलेंस सुविधा न मिलने के कारण यहां कि एक महिला की ऑटो में ही डिलीवरी हो गई। परिजनों का आरोप है कि फोन करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं आई।
सरकार की ओर से आम लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था है। बताया जाता है कि मोहल्ला छोटा दौलतपुर निवासी महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस सुविधा के लिए सेहत विभाग के कर्मियों से फोन पर संपर्क किया था।
देर तक प्रयास के बाद भी संपर्क न होने की सूरत में उन्होंने मजबूरी वश ऑटो से पीड़िता को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। इस बीच हैवी ट्रैफिक के कारण ऑटो जाम में फंस गया और सिविल अस्पताल के निकट पहुंचते ही गर्भवती की ऑटो में ही डिलीवरी हो गई। हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद गर्भवती को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस मौके पर सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. भूपिंद्र सिंह ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं। उनका अस्पताल में इलाज जारी है।