श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए 1699 में उस समय यह छंद कहा था, जब उन्होंने खालसा की रचना की थी। अनुपम खेर ने इसका गलत इस्तेमाल करके सिखों का अनादर किया है। मैंने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार से अपील की है कि वे खेर के खिलाफ कार्रवाई करें। - बरिंदर सिंह ढिल्लों, प्रधान, पंजाब यूथ कांग्रेस
अनुपम खेर की इस हरकत के बावजूद भाजपा के साथ नाखून-मांस का रिश्ता रखने वाले अकाली दल की चुप्पी सवाल खड़े करती है। आखिर अकाली कब तक पंजाबियों और सिखों का निरादर करने वालों के सुर में सुर मिलाते रहेंगे। खेर की इस हरकत को सिख बर्दाश्त नहीं करेंगे। - सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब के कैबिनेट मंत्री
एक व्यक्ति विशेष के लिए गुरबानी के शब्दों का इस्तेमाल करके अनुपम खेर ने बेहद घटिया हरकत की है। इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब और एसजीपीसी को कड़ा नोटिस लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। - करनैल सिंह पीर मोहम्मद, नेता, अकाली दल टकसाली