फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन : संख्या बढ़ाने के लिए प्रवासी मजदूरों को धरनास्थल पर बुलाने की कवायद

Thu, 22 Apr 2021 03:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा मर उजाला नेटवर्क, रोहतक/सोनीपत/बहादुरगढ़/चंडीगढ़

सार

  • टीकरी बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने गदर आंदोलन की वर्षगांठ मनाई
  • फसल कटाई खत्म होते ही पंजाब से दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हुआ किसानों का जत्था
विज्ञापन
migrant labour - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तीनों कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग के लिए बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान अब पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों को धरनास्थल पर बुलाने में जुटे हैं। इस तरह बॉर्डर पर चल रहे धरना स्थलों पर भीड़ बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, किसान प्रतिरोध सप्ताह भी मना रहे हैं। किसानों व अन्य लोगों को कृषि कानूनों के नुकसान के बारे में बताकर सरकार का विरोध करने की अपील की जा रही है।

विज्ञापन


उधर, पंजाब से किसानों ने एक बार फिर दिल्ली बॉर्डर की ओर कूच करना शुरू कर दिया है। फसल कटाई कार्य पूरा हो जाने पर बुधवार को खनौरी से करीब छह हजार किसानों का काफिला दिल्ली के लिए रवाना हुआ। किसानों के काफिले का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां कर रहे हैं। वहीं, टीकरी बॉर्डर पर बुधवार को किसानों ने गदर आंदोलन की वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर गदरी बाबा अमर रहे के नारे लगाए गए। 

कुल हिंद किसान सभा पंजाब के नेता रुलदू सिंह ने कहा कि सरकार कोरोना की आड़ में आंदोलन को बिखेरना चाहती है। जबकि किसी भी किसान को कोरोना नहीं है, हम कोई वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों का मई में दिल्ली कूच का प्रोग्राम रद्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को मजबूत बनाए रखने के लिए फिलहाल दिल्ली जाना ठीक नहीं है। क्योंकि किसान नेताओं पर दिल्ली में मुकदमे दर्ज हैं। वे दिल्ली जाएंगे तो उनको गिरफ्तार कर लेंगे और आंदोलन फेल हो जाएगा।
विज्ञापन


कोरोना से तो एक दिन मरेंगे लेकिन कृषि कानूनों से हर रोज : उगराहां
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि कोरोना से तो एक दिन मरेंगे लेकिन यदि तीनों कृषि कानून वापस न हुए तो किसान रोजाना भूख से मरेंगे। किसान चार माह से दिल्ली बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाकर बैठे हैं।

कुछ दिन से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों को उठाया जाएगा। धरना हटा दिया जाएगा। ये मात्र अफवाह है। उन्होंने कहा कि इसी का जवाब देने के लिए किसानों के काफिले दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के चलते जत्थेबंदी की तरफ से दवाएं, डॉक्टर, सैनिटाइजर का पूरा प्रबंध किया गया है। वे सरकार की ओर से दी गई कोई दवा नहीं लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें