हरियाणा सरकार ने बीमा दावे निपटाने में देरी पर बीमा कंपनियों को 34.92 करोड़ का जुर्माना लगाया है। खरीफ 2018 सीजन में कंपनियों ने किसानों की फसल खराब होने पर समयबद्घ तरीके से मुआवजा नहीं दिया था। सरकार ने मामला संज्ञान में आने पर ओरिएंटल बीमा कंपनी को 9.79 करोड़ रुपये, एसबीआई जनरल बीमा कंपनी को 14.04 करोड़ रुपये व यूनिवर्सल सोंपो जनलरल बीमा कंपनी को 11.09 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से कृषि मंत्री जेपी दलाल ने सदन में यह जानकारी दी। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने बीमा योजना को लेकर सवाल पूछा था। दलाल ने कहा कि तीनों कंपनियों पर यह जुर्माना स्थानीय दावों के भुगतान में देरी, अंतिम तिथि से पहले किसानों का विवरण उपलब्ध न करवाने, निश्चित अंतिम तिथि के अंदर दावे का भुगतान न करने में असमर्थ रहने व जागरूकता प्रचार में फंड का उपयोग न करने पर लगाया है।
बीमा कंपनियां बिना किसी विशेष कारण के किसी भी योग्य किसान का दावा अस्वीकार नहीं करती। खरीफ 2019 और रबी 2019-20 में अकेले भिवानी जिले से 14675 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावा मूल्यांकन का अनुरोध किया था। इनमें से 1223 आवेदन गलत मिले। 514 दावे बीमा कंपनियों या बैंक खातों के साथ ब्योरा न मिलने के कारण लंबित हैं।