पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दिल्ली की जनता ने भाजपा की नीति धर्मवाद और जातिवाद पर वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति को नकारा है। दिल्ली की जनता ने धर्मवाद और जातिवाद पर नहीं, विकास के नाम पर तीसरी बार अरविंद केजरीवाल को सरकार बनाने का मौका दिया है। जनता ने विकास के नाम पर मंथन कर वोट किया है। दीपेंद्र हुड्डा मंगलवार को रोहतक रोड स्थित विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के कार्यालय पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। वह गांव बुटाना में लगाए गए भंडारे में शिरकत करने भी पहुंचे।
पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल जनता का विश्वास जीतने में कामयाब रहे हैं। वोटों का ध्रुवीकरण की राजनीति को महाराष्ट्र में पहले ही जनता नकार चुकी है। केंद्र में पहले ही बहुमत के साथ भाजपा काबिज है। भाजपा ने देश की अर्थव्यवस्था का भट्ठा बैठा दिया है। बजट में मूलभूत सुविधाओं को नकारा गया है। जिससे दिल्ली की जनता ने भाजपा को नकार दिया है। दिल्ली में नगर निगम और सांसद भाजपा के हैं। उसके बाद भी जनता ने भाजपा की राजनीति को नकारा है।
पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दिल्ली के परिणामों से प्रदेश में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार दबाव में रहेगी। दोनों पार्टियों में अलग-अलग विचारधाराओं का गठबंधन हैं। प्रदेश में महकमे खसोटने की होड़ लगी हुई है। कोई कहता है कि सीआईडी मेरे अधीन रहेगी तो कोई दूसरे महकमों को खसोटने पर लगा हुआ है। प्रदेश में गठबंधन सरकार ने 100 दिन में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम लागू करने की बजाय धान घोटाला अवश्य किया है।
पेंशन देने के नाम पर लोगों के साथ मजाक किया जा रहा है। जजपा के विधायको में आपस में गठबंधन नहीं है। सभी अलग-अलग तरह की बात करते हैं। प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा के घमंड को तोड़ने का काम किया था। भविष्य में कांग्रेस के संगठनात्मक रूप से मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएगें। इस दौरान उनके साथ विधायक जगबीर सिंह मलिक, विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा, अनुप मलिक आदि मौजूद रहे।