राज्य उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता फोरम के एक आदेश को बरकरार रखते हुए एयरलाइंस कंपनी स्पाइसजेट की अपील खारिज कर दी है।
आयोग ने उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाते हुए स्पाइसजेट को 80,885 रुपये नौ फीसदी ब्याज के साथ और 1.35 लाख रुपये बतौर मुआवजा और वाद खर्च चुकाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने स्पाइसजेट की इस अपील को भी खारिज कर दिया कि उपभोक्ता ने चंडीगढ़ में वाद दायर किया।
आयोग ने कहा कि उपभोक्ता जहां चाहे, वहां शिकायत कर सकता है। फिर वह उसकी होम सिटी ही क्यों न हो। यह आदेश आयोग ने स्पाइसजेट की फोरम के फैसले के खिलाफ दायर अपील के बाद दिए हैं।
चंडीगढ़ की रंजू ने जिला उपभोक्ता फोरम में दी शिकायत में कहा था कि वह छुट्टियां मनाने बागडोगरा गई थीं। वहां से लौटते वक्त उन्होंने स्पाइसजेट की कोलकाता से नई दिल्ली के लिए 30 जून, 2015 की टिकट बुक करवाई थी।
जब वह एयरपोर्ट पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि स्पाइसजेट की फ्लाइट रद्द हो गई है। इसके बाद उन्होंने स्पाइसजेट से वैकल्पिक फ्लाइट उपलब्ध करवाने को कहा तो कंपनी की ओर से कोई व्यवस्था नहीं कराई गई। उन्हें बेसहारा छोड़ दिया गया।
इसके बाद उन्हें अतिरिक्त पैसे देकर दूसरी एयरलाइंस की टिकट खरीदकर चंडीगढ़ आना पड़ा। मामले में फोरम ने स्पाइसजेट को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए 80,885 रुपये नौ फीसदी ब्याज के साथ चुकाने के आदेश दिए थे। साथ ही शिकायतकर्ता को मुआवजे और मुकदमा खर्च के तौर पर एक लाख 35 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।