चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ का कार्यकाल बढ़ेगा या नहीं, इस पर कमेटी की ओर से निर्णय नहीं लिया गया जबकि इस बात को दो माह बीत गए। वहीं, पूर्व पदाधिकारी इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों की समस्याएं बढ़ रही हैं। उनका निदान करना जरूरी है इसलिए संघ के कार्यकाल को बढ़ाया जाए।
कोरोना काल के चलते इस बार पीयू में छात्रसंघ चुनाव नहीं हो पाएगा। पूर्व पदाधिकारियों के कार्यकाल को बढ़ाने का मामला सिंडिकेट में उठाया गया था। यह प्रकरण सिंडिकेट सदस्य डीपीएस रंधावा ने उठाया था। उसके बाद एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी को तय करना था कि कार्यकाल बढ़ेगा या नहीं। इस मामले को दो माह हो गए लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारियों का कहना है कि परीक्षा से लेकर एडमिशन तक की समस्याएं बढ़ रही हैं। छात्रों की यह समस्याएं पीयू प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रही हैं। छात्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए छात्रसंघ के पदाधिकारियों का होना जरूरी है इसलिए कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए। कई छात्र पदाधिकारियों के पास जा रहे हैं। उनका कहना है कि पीयूसीएससी के पदाधिकारी कार्यकाल में रहेंगे तो छात्रों की समस्याएं सीधे उनके पास आएंगी और उनका निराकरण कराया सकेगा। उधर, डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर ने बताया कि छात्रसंघ का कार्यकाल बढ़ाने के मामले की जानकारी उन्हें नहीं है।