राधे मां के खिलाफ अश्लीलता फैलाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में परचा दर्ज करने की मांग पर अदालत में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। यह याचिका पंजाब में लुधियाना के रक्षा ज्योति फाउंडेशन की ओर से दायर की गई थी। जिरह के बाद फैसला दो सितंबर तक सुरक्षित रख लिया।
एनजीओ रक्षा ज्योति फाउंडेशन के प्रधान अश्विनी बहल और अन्य सदस्यों द्वारा एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जगदीप सूद की अदालत में याचिका दायर की थी।
याचिका में मांग की गई कि जिस तरह धर्म की आड़ में राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर द्वारा आम लोगों की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ खिलवाड़ किया गया और जिस तरह वे अपने धार्मिक समारोह में अश्लीलता का प्रसार कर रही हैं, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
फाउंडेशन की ओर से वरिष्ठ वकील शिवदत्त शर्मा और फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बहल ने कहा कि कोर्ट में धारा 156 के अधीन एक पटीशन भी दाखिल की गई थी। इसमें कोर्ट से मांग की गई कि पुलिस को राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए जाएं।
इस अवसर पर फाउंडेशन के धीरज शर्मा, अमरजीत सिंह, अशोक, राजकुमार शर्मा, नवराज सिंह, अरुण हैनरी और राकेश शर्मा मौजूद थे।