पंजाब के खस्ताहाल सरकारी स्कूलों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई।
एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को कोर्ट ने कहा कि पंजाब में सरकारी स्कूलों के हालात बहुत निराशाजनक है। पंजाब सरकार ने इस मामले में अगर सुधार के उपाय नहीं किए तो हाईकोर्ट को इस मामले में कठोर फैसला लेना पड़ेगा।
अधिवक्ता एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर पंजाब के सरकारी स्कूलों के अनेक जर्जर और असुरक्षित क्लास रूम गिराने की मांग की है। याचिका में सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय बनाने की भी बात कही गई है।
शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अदालत में शपथ पत्र दाखिल किया। शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अंजली भावरा की ओर से दाखिल शपथ पत्र में कहा गया कि पंजाब में मौजूद अधिकतर असुरक्षित क्लास रूम का दोबारा निर्माण करा दिया गया है।
लेकिन सरकार के इस शपथ पत्र का खंडन करते हुए याचिका कर्ता ने अदालत से कहा कि उन्होंने स्वयं तीन जिलों के 14 सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया है।
यह स्कूल एसएएस नगर, एसबीएस नगर और लुधियाना में हैं। याचिकाकर्ता ने ऐसे स्कूलों की फोटो भी कोर्ट में पेश की। सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से दिए चित्रों से स्थिति स्पष्ट है। इस मामले में बेंच ने पंजाब सरकार को एक अगस्त तक अनुपालना रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।