विपक्ष जब सरकार पर सीक्रेट वोटिंग का दबाव डालने में नाकामयाब रहा तो कांग्रेसी विधायक वेल में आकर डट गए। काफी देर तक उनकी वजह से सदन की कार्यवाही बाधित रही। स्पीकर ने उन्हें अपनी सीट पर बैठने और भाजपा विधायक अभय सिंह यादव से धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करने के कई बार निर्देश दिए। लेकिन अभय यादव जैसे ही चर्चा शुरू करते, तभी कांग्रेसी विधायक शोर-शराबे और विरोध पर उतारू हो जाते। ये सिलसिला चलता रहा। मगर सरकार भी पीछे नहीं हटी। अंतत : कांग्रेसी विधायकों को ही सदन से बाहर जाना पड़ा।
फिर सरकार ने लिया विपक्ष को आड़े हाथों
काफी देर तक विपक्ष का वार झेलते हुए सरकार ने अंतत : कांग्रेसियों को सदन में ही आड़े हाथों लिया। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि आम किसान आज भी मंडियों में अपनी फसल एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर बेचकर अपनी अगली फसल की तैयारियों में जुट गया है। सड़कों पर सिर्फ वही लोग हैं, जिनका इस्तेमाल कांग्रेस अपने चुनावों के लिए अकसर करती रहती है। आज भी उन लोगों को कांग्रेसियों ने बरगलाकर सड़कों पर बिठा रखा है।
दलाल ने कहा कि हमारा विजन साफ है, सरकार बिचौलियों को बीच से हटाना चाहती है। किसान सरकार को फसल बेचे और सीधा अपनी पेमेंट खाते में ले। रही बात पंजाब, उतर प्रदेश और राजस्थान की तो विपक्ष यह बताए कि वहां के किसान अपनी फसल को हरियाणा में लाकर क्यों बेचना चाहते हैं।
दलाल ने खुद ही इसका जवाब देते हुए कहा कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि इन राज्यों का किसान भली भांति जानता है कि हरियाणा में खरीद प्रकिया उनके राज्यों से कहीं ज्यादा बेहतर है। कांग्रेसियों ने तो सिर्फ अमीरों को और अमीर बनाया और गरीब किसानों को और गरीब। मगर हम अब बिचौलिया प्रथा खत्म कर किसानों को समृद्ध बनाएंगे।