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पति की मौत के बाद महसूस कर रही थीं अकेलापन, पौधों को बना लिया परिवार

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चंडीगढ़। सेक्टर- 38 वेस्ट निवासी नेहा अरोड़ा ने पति की मौत के बाद पौधों को ही अपना परिवार बना लिया है। जब वह खुद को अकेला महसूस कर रही थीं तो उनकी सहेली ने गार्डनिंग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गार्डन को इतना अच्छा बना लिया है कि उसमें बैठकर वह कविताएं लिखती हैं।
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नेहा अरोड़ा ने बताया कि 2015 से पहले उनका घर छोटा था, जिसमें वह कभी गार्डनिंग नहीं कर पाई। नया घर बनने पर उन्होंने गार्डनिंग शुरू की। उन्होंने बताया कि बचपन से गार्डनिंग का शौक नहीं था। साढे़ चार साल पहले पति की मौत होने के बाद गार्डनिंग को ही उन्होंने अपनी जिंदगी बना लिया।
डेढ़ सौ से ज्यादा गमलों में खिल रहे हैं पौधे
नेहा ने बताया कि उनके घर में डेढ़ सौ से ज्यादा गमलों में पौधे लग हैं। इनमें अरिका, गेंदी, फाइकस, चांदनी, कैक्टस, तुलसी और एलोवेरा आदि के पौधे लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह रोजाना अपने गार्डन को सुबह-शाम दो-दो घंटे देती हैं। माली हफ्ते में 3 दिन आता है और बाकी दिन वह खुद ही पौधों की देखभाल करती हैं। उन्होंने बताया कि चार से 5 दिन के बाद पौधों के कुछ पत्ते पीले पड़ जाते हैं, जिसके बाद उन्हें तोड़ना पड़ता है। वह शाम के समय पौधों को पानी देती हैं। पौधे परिवार के सदस्यों की तरह होते हैं। जो उनकी देखभाल करता है वही उनकी तकलीफ समझ सकता है। इसलिए पौधों को ज्यादा खाद और पानी भी नुकसान करता है। खाद और पानी सीमित मात्रा में दिए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि वह अंडे के छिलके पौधों की जड़ों में डाल देती हैं जिससे उन्हें प्रोटीन मिलती है।
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लॉकडाउन के बाद सब्जियां उगाईं
नेहा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सब्जियां महंगी मिलने से उन्हें विचार आया कि क्यों न घर में ही सब्जियां लगा ली जाएं। उन्होंने लॉन में ही सब्जियां लगा दी। अब घिया, तोरी, हरी मिर्च, कड़ी पता जैसी सब्जियां उनके घर पर ही लगी हुई हैं। उन्होंने बताया कि सब्जियां लगने के बाद उन्हें बहुत खुशी हुई।
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गार्डनिंग करते समय इन बातों का ध्यान रखें
1. समय पर पौधों में पानी और खाद डालें।
2. ध्यान रहे पौधों में पानी और खाद की मात्रा सीमित रहे।
3. कीड़ा लगने से बचाने के लिए समय पर पौधों में दवाई का छिड़काव करें।
4. पीले पत्तों को समय पर दौड़ते रहे ताकि दूसरे पत्ते खराब न हों और पौधों की सुंदरता बनी रहे।
5. परिवार के सदस्य समझकर ही पौधों की देखभाल करें।
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