अमृतसर में आज ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर दो गुटों में जमकर तलवारें चलीं। इस घटना में दर्जन भर लोग घायल हो गए। घायलों में एक महिला, एक 11 साल का बच्चा और टास्क फोर्स के जवान शामिल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, आज पंजाब के बहुचर्चित ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी है। इस मौके पर अमृतसर में स्वर्ण मंदिर स्थित अकाल तख्त में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में ऑपरेशन ब्लू स्टार के शहीदों को परिवारों को सम्मानित किया जाना था।
कार्यक्रम की शुरूआत में जैसे ही जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह परिवारों को सम्मानित करने लगे, अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने उन्हें बीच में रोकते हुए बोलने के लिए माइक मांगा। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने उन्हें माइक देने से मना कर दिया। इससे अकाली दल के सदस्य भड़क गए और टास्क फोर्स के कर्मियों से बहस-बाजी पर उतर आए।
ये भी पढ़ें: स्वर्णमंदिर में दो गुटों में चली तलवारें, कई घायल
मामला इतना बढ़ गया कि उन्होंने तलवारें निकाल लीं। दोनों गुटों में जमकर संघर्ष हुआ। धक्का-मुक्की हुई और कुछ सिख सदस्यों की पगड़ियां तक उतार दी गईं। एक तरफ टास्क फोर्स के कर्मचारी थे, दूसरी तरफ रेडिकल ग्रुप्स यानी अकाली दल, सिख स्टूडेंट फेडरेशन, सिख यूथ फेडरेशन भिंडरावाला और दल खालसा के लोग थे। संघर्ष दो बार हुआ। सुबह कार्यक्रम के दौरान, उसके बाद दोपहर में 12 बजे के करीब। घायलों को तुरंत गुरू नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस खूनी संघर्ष के दौरान पुलिस कर्मचारी मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
शहर भर में विरोध प्रदर्शन, 5 युवक गिरफ्तार
संघर्ष के बाद रेडिकल ग्रुप के युवा सदस्यों ने अकाल तख्त पर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। उसके बाद युवा सदस्यों ने शहर भर में विरोध प्रदर्शन किया और दुकानें बंद करा दीं। इस मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 5 युवकों को हिरासत में ले लिया।
इस घटना को लेकर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि यह बेहद बुरी घटना है। पुलिस चुपचाप तमाशा देखती रही। इससे जाहिर होता है कि इस घटना के पीछे सरकार की एजेंसियों का हाथ है। सरकार हालातों को खराब करना चाहती है। हम इस मामले की पूरी जांच कराएंगे। सीसीटीवी फुटेज को देखा जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।