लोकसभा चुनाव में इस बार मृतक भी वोट डालेंगे। यह सुनकर हैरान मत होइए क्योंकि चुनाव आयोग ने मृत हो चुके लोगों के नाम अब भी सूची से नहीं हटाए हैं। एक तरफ तो आयोग सारी व्यवस्था चाक चौबंद होने की बात कह रहा है और दूसरी तरफ लापरवाही बरती जा रही है।
चुनाव आयोग की ओर से तैनात स्टाफ ने इस बार घर-घर जाकर वोटरों की सुध नहीं ली। यही वजह है कि जो लोग मर चुके हैं उनके वोट ही नहीं काटे गए हैं। शहर में कई ऐसे लोगों को उनके नाम की वोटिंग स्लिप मिली हैं जो प्रभु चरणों में पहुंच चुके हैं। इसे लोगों में रोष है।
लोगों को डर सता रहा है कि कहीं इन वोटों को जाली तौर पर भुनाया तो नहीं जा रहा है। यही नहीं इस लापरवाही को प्रत्याशियों की मिलीभगत से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ।
जिला चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थी। स्टाफ ने नई वोटें तो बना दी लेकिन मृतकों की वोट काटना भूल गया। एक मुलाजिम ने बताया कि जब वह पर्चियां लेकर लोगों के घरों पर पहुंचे तो घर वालों ने पर्चियां लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति मर चुका है।
इनके लोगों की पहुंची वोटर स्लिप
वोटर नंबर-नाम-निवासी
285---गुरमीत कौर पत्नी फकीर चंद(78)---निवासी 371 संतोख पुरा
253---प्यारा लाल पिता साधु राम(43)---बी-9 365 संतोख पुरा
98---तरसेम सिंह पिता बचित्र सिंह (56)---निवासी बी-9 449/13 संतोखपुरा
389---करतारी पत्नी दलीप चंद (68), बी-9 399 संतोखपुरा