गुरुवार की रात आठ बजे के करीब वह फैक्ट्री से निकला। जाते हुए उसने साथी को बताया कि वह हंबड़ा रोड पर कोई प्लॉट देखने जा रहा है और उसके बाद सब्जी खरीदकर घर पहुंचना है। उसके साथी ने उसे यह भी कहा कि इतने अंधेरे में कौन सा प्लॉट देखने जाना है। इसके बाद भी वह चला गया।
रंजीत के परिजनों ने पहले उसे फोन किया तो कॉल जा रही थी। कुछ समय बाद परिजनों ने फोन किया तो फोन बंद आ रहा था। शुक्रवार की सुबह खाली प्लॉट में राहगीरों ने बाइक देखी। बाइक के आस-पास कोई नहीं था। जब लोगों ने देखा कि बाइक के आस-पास कुत्ते काफी है तो लोग आगे गए।
आगे खून से लथपथ रंजीत का शव पड़ा था और शव का एक हिस्सा कुत्ते नोच चुके थे। लोगों ने कुत्तों को भगाकर पुलिस को सूचना दी। कुत्ते चेहरे को भी बुरी तरह से नोच चुके थे। रंजीत की पैंट ढीली थी और मोबाइल व पर्स गायब था। पुलिस ने परिजनों को घटनास्थल पर बुलाकर पहचान करवाई। चेहरा खराब होने के कारण परिजनों ने बाइक कपड़े और गले में पहने लॉकेट से उसकी पहचान की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है।
एसीपी वेस्ट समीर वर्मा ने बताया कि अभी पुलिस के हाथ ऐसा कोई सबूत नहीं लगा है, जिससे हत्यारों तक पहुंचा जा सके। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जल्द ही आरोपियों का पता लगा उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।