उपायुक्त ने कहा कि जो व्यक्ति निगम में कार्य के लिए आते हैं, उन्हें बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनके कार्य समय पर होने चाहिए। इसको लेकर वे किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो कर्मचारी कार्यालय में देरी से पहुंचते हैं उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। डीसी ने निगम अधिकारियों को सुधरने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम भी जारी किया।
हर कार्यालय का किया निरीक्षण
उपायुक्त ने निगम के हर कार्यालय में पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य तौर पर लाइट, पानी, सफाई, बेंच के बारे में जानकारी ली। सफाई की दुर्दशा देखकर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि एक सप्ताह में वे फिर से दौरा करेंगे। उपायुक्त ने कंडम सामान का ऑक्शन करने व नया सामान लेने का भी निर्देश दिया।
उपायुक्त ने बताया कि निगम में कार्यरत 500 सफाई कर्मचारी शहर की सफाई करने में सक्षम हैं। उन्हें अपनी ड्यूटी ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक करनी चाहिए। उपायुक्त ने उप निगम आयुक्त से शहर की सफाई को लेकर एक नंबर जारी करने को भी कहा। उपायुक्त ने बताया कि अगर सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी को ड्यूटी समझकर करें तो स्थिति में बदलाव दिखाई देगा। उन्होंने निगम के उप आयुक्त विनोद मेहरा को शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को गौ अभ्यारण्य में भेजने का निर्देश दिया।