यह मुआवजा उनकी पुत्रवधू ने हड़प लिया। पीड़ित दंपती का आरोप है कि जनवरी 2018 में उन्होंने आरोपियों को 70 हजार रुपये व 30 जुलाई 2019 को 50 हजार रुपये ब्याज पर लाकर दिए थे। वह भी नहीं लौटाए तो उन्हें अपने गहने बेचकर ये रुपये चुकाए। इसके बाद उन्होंने नवंबर 2019 को तीनों को बेदखल कर दिया और आरोपियों से मकान का कब्जा छुड़वाने के लिए अदालत में केस दायर किया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें यातनाएं देनी शुरू कर दीं। बुजुर्ग दंपती का आरोप है कि उन्हें खाना भी नहीं दिया जाता और मारपीट की जाती है। अधिक ठंड में अपना मकान होते हुए भी उन्हें घर के बाहर तिरपाल लगाकर रहना पड़ रहा है।
आजाद नगर में 97 वर्षीय वृद्धा को निकाला था
इससे पहले दिसंबर माह की शुरुआत में ही 97 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उसकी पुत्रवधू ने कपड़ों सहित घर से निकाल दिया था। उसका वीडियो पड़ोसी ने वायरल कर दिया था, जिसके बाद मामला मीडिया में आया था। उस मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई थी। उस दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी भी यहां पहुंची थीं।
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डीसी से शिकायत की है
बुजुर्ग दंपती हमारे संपर्क में आया तो इनका केस अदालत में लगा दिया गया था। कोरोनाकाल के चलते केस लेट हो गया। इस दंपती ने कल मेरे साथ जाकर डीसी से मुलाकात की थी। उस दौरान डीसी कहीं दौरे पर जा रही थीं तो बात नहीं हो सकी सिर्फ उन्हें अर्जी ही दे सके।
- राजकुमारी, अधिवक्ता, हिसार।
हमारे पास शिकायत नहीं आई है
इस मामले की हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है या मीडिया के माध्यम से भी पता चलता है तो अवश्य संज्ञान लिया जाएगा। आजाद नगर के मामले में एसपी को निर्देश दिए गए थे। उन्होंने उस एरिया के थाना प्रभारी को मामले में उचित कार्रवाई के आदेश दिए थे।
- प्रीति भारद्वाज, कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग।
बुजुर्ग दंपती की मदद के लिए अधिकारियों से बोला है
ऐसी शिकायत आई है। उस पर तुरंत कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बुजुर्ग दंपती को हरसंभव मदद के लिए भी संबंधित अधिकारियों को बोला गया है।
-डॉ. प्रियंका सोनी, उपायुक्त, हिसार।