दाऊं पेट्रोल पंप तेजाब कांड में जिला अदालत ने हरदीप सिंह दीपा और जगवंत सिंह बिट्टू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों को धारा-307 और 302 के तहत यह सजा सुनाई गई है।
दोनों सजा एक साथ चलेंगी। दोनों धाराओं में दोषियों पर पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह जुर्माना राशि मृतका के परिजनों और पीड़ित राकेश रिखी को दी जाएगी।
अतिरिक्त सेशन जज पीपी सिंह की अदालत ने शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में फैसला सुनाया। इस दौरान सभी लोगों को अदालत से बाहर निकाल दिया गया और फिर दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
तेजाब कांड की घटना एक सितंबर 2011 को हुई थी। मोहाली फेज एक के प्रॉपर्टी डीलर राकेश रिखी हर वीरवार चिंतपूर्णी माता मंदिर में माथा टेकने स्टाफ के साथ जाते थे। एक सितंबर की शाम को काम खत्म करने के बाद फोर्ड आइकन कार से वह चिंतपूर्णी मंदिर जा रहे थे।
उनके साथ की सीट पर स्टाफ मेंबर उत्तराखंड निवासी स्वातिका और पीछे हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर निवासी शैफाली बैठी थीं जबकि, स्टाफ के दो लोग शेर खान और नवनीत पीछे दूसरी कार में थे। राकेश हाईवे पर मोहाली और खरड़ के बीच गांव दाऊं स्थित चावला पेट्रोल पंप पर शाम करीब छह बजे पेट्रोल भरा रहे थे।
अचानक गलत साइड से एक बाइक पर दो युवक आए। बाइक चालक हेलमेट पहने था। जबकि, बाइक पर पीछे बैठा युवक बगैर हेलमेट के था। उसने हाथ में पेट्रोल कैन ले रखी थी, जिसे ऊपर से काटा गया था, ताकि फेंकते समय बहाव में रुकावट न आए। कार के पास बाइक रोकते ही वह उतरा और तेजाब कार के ड्राइवर साइड की खिड़की से अंदर फेंक दिया था। घटना से लग रहा था कि उसका निशाना स्वातिका थी और ज्यादा हमला उसी पर हुआ था।
इसमें स्वातिका बुरी तरह झुलस गई, राकेश रिखी भी तेजाब से झुलसे, वहीं, शैफाली पर भी छींटे पड़ीं थीं। चंद ही सेकेंड में युवक फरार हो गए।
स्टाफ मेंबरों ने पुलिस को सूचित किया और तीनों घायलों को पीजीआई पहुंचाया, जहां कुछ दिन बाद स्वातिका की मौत हो गई थी जबकि, राकेश का चेहरा और शरीर पूरी तरह झुलस गया था जो कि अभी तक ठीक नहीं हो पाया है।
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इसलिए दोनों धाराओं में मिली उम्रकैद
सुनवाई के दौरान रिखी के वकील सतनाम सिंह कलेर ने अदालत को बताया कि घटना के बाद से राकेश जिंदा लाश बन गए हैं। घर जाने पर उनके बच्चे डर जाते हैं। लोग हाथ तक नहीं मिलाते। इसके अलावा वह खुद कुछ खा पी नहीं पाते। इसके बाद अदालत ने धारा-307 के साथ भी आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।
कैमरे के सामने कबूला जुर्म
10 दिसंबर 2012 को जब मामले की जिला अदालत में सुनवाई चल रही थी। उस समय अदालत में राकेश और उसकी पत्नी आरोपी से मिले थे। उन्होंने चश्मा लगाया हुआ था। उसमें एक वीडियो कैमरा लगा था। उस दौरान उक्त आरोपी कैमरे पर बोल गया था कि उसने ही उन पर तेजाब फेंका था। इस रिकॉर्डिंग को आधार बनाकर उन्होंने अदालत में पेश किया था।
तीन दिन में शादी की दी थी धमकी
तेजाब फेंके जाने के मामले में प्रॉपर्टी डीलर के स्टाफ मेंबरों ने उसके एक्स ब्वाय फ्रें ड पर आशंका जताते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। स्टाफ मेंबर शेर खान ने बताया कि स्वातिका का एक ब्वाय फ्रेंड था जो पहले गुड़गांव में काम करता था। बाद में डेराबस्सी में काम करने लगा था। चंडीगढ़ निवासी युवक का ढाई महीने पहले स्वातिका के साथ ब्रेकअप हो गया था। शेर खान ने बताया था कि उस समय स्वातिका ने ऑफिस में कहा था कि वह युवक उसे एक तरफा प्यार करता था और धमकी दी थी कि तीन दिन में उसके साथ शादी करके दिखाएगा।
इसलिए फेंका गया था तेजाब
आरोपी दीपा प्रॉपर्टी डीलर राकेश रिखी के आफिस में ही काम करने वाली एक औरत से प्यार करता था। उन दोनों में किसी बात को लेकर मिस अंडरस्टैंडिंग हो गई थी। इसके बाद युवक ने उस दिन तेजाब फेंका था। उसकी वह दोस्त भी चिंतपूर्णी जाने वाली थी लेकिन, एन मौके पर उसका प्रोग्राम कैंसिल हो गया था।
ऐसे बंटेगी जुर्माना राशि
अदालत ने आदेश दिए है कि जुर्माने से वसूल होने वाली राशि में से 80 हजार सरकारी खजाने में जमा करवाए जाएं। साथ ही 4.60 लाख मृतका के परिजनों और 4.60 लाख रुपये राकेश रिखी को दिए जाएं।