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पेक में स्थापित होगा यह केंद्र

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चंडीगढ़। आज युवाओं में अच्छी नौकरी पाने की होड़ लगी है। हर कोई अच्छा वेतन चाहता है। इसे पाने के लिए क्या किया जाए, यह संकट खड़ा हो रहा है। इस बीच डाटा विश्लेषण रोजगार के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। अब हर क्षेत्र में इसकी जरूरत है। इसी के जरिए कंपनियां अपनी धाक बना पाती हैं। ऐसे में डाटा विश्लेषकों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। बाजार को मांग को देखते हुए ही पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) डेटा सेंटर की स्थापना करने जा रहा है। साथ ही भविष्य में बीटेक व एमटेक की पढ़ाई भी इसमें होगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में सात से अधिक विभाग हैं, जिनमें बीटेक व एमटेक की पढ़ाई करवाई जाती है। सर्वाधिक पसंदीदा क्षेत्रों में आजकर कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई है। इसमें दाखिले के लिए सर्वाधिक आवेदन आते हैं। मेकेनिकल के अलावा सिविल, इलेक्ट्रिकल आदि क्षेत्रों के लिए भी यहां पढ़ाई होती है। हर साल लगभग एक हजार विद्यार्थी यहां दाखिला लेते हैं। इस समय बीटेक की पढ़ाई शुरू हो गई। इस दौरान पेक की टीम ने पूरे विश्व के सेंटरों का अध्ययन किया और पाया कि डाटा विश्लेषण की मांग लगातार बढ़ रही है। हर क्षेत्र को डाटा विश्लेषक चाहिए। डाटा के जरिए ही कोई उत्पाद बेहतर ढंग से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है और भविष्य की संभावनाओं पर भी केंद्रित किया जाता है।
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डाटा वैज्ञानिक का अहम योगदान
शिक्षाविद राकेश आहूजा कहते हैं कि जिस तरह शब्दों से एक कहानी बनाई जाती है। ठीक उसी तरह डाटा विश्लेषण का काम होता है। यह कार्य डाटा वैज्ञानिक करते हैं। यह लोग गूगल सीट्स, एक्सेल, पावर प्वाइंट आदि के जरिए डाटा को एक कहानी की तरह सामने रखते हैं और भविष्य की योजनाएं संबंधित कंपनी व विभाग फिर बनाते हैं। डाटा वैज्ञानिक बनने के लिए बीटेक, बीई, एमटेक की डिग्री होना आवश्यक है। इसी को देखते हुए अब शिक्षण संस्थान डाला विश्लेषण की पढ़ाई की ओर बढ़ रहे हैं। कहते हैं कि डाटा वैज्ञानिक की पढ़ाई प्रतिष्ठित संस्थान से करने पर और लाभ मिलता है।
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इन क्षेत्रों में नौकरी के अपार अवसर
शिक्षाविद प्रशांत सेठी कहते हैं कि गूगल, अमेजॉन, फेसबुक, ट्विटर आदि में डाटा वैज्ञानिकों की मांग सबसे अधिक रहती है। इसके लिए डाटा मैनेजर, डाटा कलेक्टर, डाटा डिजाइनर, डाटा मोडिफाइडर, डाटा सेंटर, डाटा एक्सपोर्टर आदि पदों पर कार्य करने को मिलता है। सरकारी सेवाओं के लिए वाणिज्य एवं सांख्यिकीय मंत्रालय के अलावा एसएससी, राज्य कर्मचारी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भी रिक्तियां निकालते हैं। निजी कंपनियों में भी काफी मांग रहती है। कम से कम 50 हजार प्रतिमाह वेतन मिलता है। विदेशों में डाटा वैज्ञानिकों की मांग अधिक है। वहां वेतन काफी अधिक मिलता है। यही नहीं राजनीतिक दल भी अपने वोटरों का गणित व आगामी रणनीति के लिए डाटा विश्लेषकों का सहारा लेती हैं। यहां भी नौकरियां मिलती हैं।
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