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हरियाणा में DAP खाद संकट: छह जिलों में खत्म होने को स्टॉक, सरकार के पास का मात्र 23 हजार एमटी स्टॉक, मांग अधिक

Wed, 23 Nov 2022 11:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

सरकार के पास डीएपी का मात्र 23 हजार एमटी स्टॉक है, जबकि मांग अधिक है। प्रदेश में कम खाद के चलते हालात बिगड़ रहे हैं।  कृषि मंत्री ने केंद्र से अधिक आपूर्ति मांगी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में सरसों बिजाई के बाद अब गेहूं बिजाई के सीजन में भी खाद का संकट गहरा गया है। प्रदेश के कई जिलों में किसानों को डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है। इस समय केंद्र की ओर से हरियाणा को रोजाना 2 से 3 हजार मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति की जा रही है, जबकि मांग इससे अधिक है।

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प्रदेश में डीएपी 23 हजार मीट्रिक टन एसएसपी 52 हजार मीट्रिक टन और एनपीके 7 हजार मीट्रिक टन ही स्टाक रह गया है। वहीं, जिलों की बात करें तो छह जिलों चरखीदादरी, फरीदाबाद, मेवात, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़ और पंचूकला में डीएपी का स्टाक खत्म होने तक पहुंच गया है। गंभीर होती स्थिति को देखते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार से संपर्क साधा है और अधिक खाद की आपूर्ति करने की मांग की है।

हरियाणा में इस बार 25 लाख 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई का लक्ष्य है। अब तक 12 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हो चुकी है। सरसों की बात करें तो 7 लाख हेक्टेयर में बिजाई की गई है। सरसों बिजाई के सीजन में भी किसानों को डीएपी की किल्लत का सामना करना पड़ा था। सरसों के इलाके भिवानी, महेंद्रगढ़, हिसार, जींद, रोहतक और सोनीपत के जिलों में किसानों को डीएपी के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ा था।
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अब अधिकतर क्षेत्र में सरसों की बिजाई हो चुकी है। 15 नवंबर के बाद गेहूं बिजाई की सीजन शुरू हो गया है। गेहूं की बिजाई के समय डीएपी खाद का प्रयोग होता है। किसानों को अब खरीद केंद्रों पर डीएपी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सिरसा, गुरुग्राम, फरीदाबाद आदि जिलों में डीएपी खाद का संकट है। 

हरियाणा में इस बार डीएपी खाद की मांग अधिक है। इस बार पिछले साल से 28 हजार मीट्रिक टन डीएपी की अधिक बिक्री हुई है। नवंबर माह तक पिछले साल 2 लाख 78 हजार मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हुई थी, जबकि इस वर्ष 21 नवंबर  तक राज्य में 3 लाख 6 हजार मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हो चुकी है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान का कहना है कि सरकार केवल दावे कर रही है, किसानों को खाद और बीज के लिए भी धक्के खाने पड़ रहे हैं। हरियाणा सरकार तुरंत पर्याप्त डीएपी और यूरिया की व्यवस्था कराए। 

कहां कितना डीएपी का स्टाक
डीएपी खाद के स्टाक की बात करें तो सबसे कम चरखीदादरी में 2, फरीदाबाद 168, गुरुग्राम 221, महेंद्रगढ़ 221, मेवात 293 और पंचकूला में 206 मीट्रिक टन खाद शेष है। इसके अलावा, जींद में 507, झज्जर 632, पानीपत 685, रेवाड़ी 405, पलवल में 836 एमटी खाद बचा है। वहीं, अंबाला में 2141, भिवानी 1036, फतेहाबाद 936, हिसार 1498, करनाल 4185, कुरुक्षेत्र 1724, सिरसा 2174 और सोनीपत में 1548 एमटी डीएपी है। वहीं, यूरिया की बात करें तो कुल 1.96 लाख एमटी स्टाक है। केवल चरखीदादरी में सबसे कम 64 एमटी यूरिया का स्टाक है, शेष जिलों में एक हजार से 10  हजार मीट्रिक टन स्टाक है। 

किसानों को खाद के लिए कोई दिक्कत न हो इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। केंद्र सरकार से भी खाद की अधिक आपूर्ति के लिए संपर्क साधा गया है। स्टॉक की कोई कमी नहीं है, किसान खरीद केंद्रों पर व्यवस्था बनाकर रखें, किसानों को पर्याप्त खाद मिलेगा। खाद की ब्लैक न हो इसके लिए भी निगरानी की जा रही है। -जेपी दलाल, कृषि मंत्री, हरियाणा

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