देश भर में दलित वर्ग की सबसे ज्यादा संख्या पंजाब में है। ऐसे में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर किसी का टारगेट दलित वोट बैंक ही है। प्रदेश में करीब 34 फीसदी दलित जनसंख्या रहती है।
सभी राजनीतिक दल इस वर्ग के वोटों को अपने पक्ष पर करने की जीतोड़ कोशिश करता दिखाई दे रहा है लेकिन पंजाब के इन चुनावों में खास बात यह है कि दलित वोटों पर इस बार केवल नेताओं की ही नजर नहीं है, बल्कि कई दलित वर्ग से संबंधित रिटायर्ड उच्चाधिकारी भी चुनाव मैदान में उतर गए हैं।
वे खुद को दलित वर्ग से संबंधित बताकर इन वोटों के सहारे चुनाव जीतना चाहते हैं। फिलहाल राज्य की 117 विधानसभा सीटों में 34 रिजर्व सीटें हैं। दलित वर्ग से आए ऐसे उच्चाधिकारियों में, आईएएस अफसर एसआर कलेर जगराओं से अकाली विधायक रह चुके हैं और इस बार निहाल सिंह वाला विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं।