अंदर से बचाओ-बचाओ की आवाजें आ रही थीं। इसके बाद आसपास के लोगों के साथ मिलकर पहले अंदर आग में फंसी बुजुर्ग महिला सुरस्ती व बलजीत को बाहर निकाला और कंबल डालकर दोनों को लगी आग बुझाई। घर में मौजूद बेड, सोफा व अन्य में सामान में लगी आग पर रेता व मिट्टी डालकर बुझाया गया।
पता चला कि सिलिंडर की लीकेज की वजह से जोरदार धमाका हुआ है। सूचना पर मलोया पुलिस समेत दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घायल लेखराज (राहगीर), बलजीत (सिलेंडर सप्लायर) और सुरस्ती (मकान मालकिन) को अस्पताल पहुंचाया। जांच में सामने आया कि सुरस्ती मकान नंबर 4495 में परिवार समेत रहती हैं।
दोपहर को उनकी गली में सिलिंडर सप्लाई करने बलजीत आया। इस दौरान सुरस्ती ने उसे यह कहकर अपने घर बुलाया कि सिलिंडर लीक हो रहा है। जैसे ही बलजीत उनके घर पहुंचकर सिलेंडर चेक करने लगा तभी वहां पर जोरदार धमाका हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि लोहे का दरवाजा दूर उड़कर साइकिल सवार लेखराज पर जा गिरा, जिससे तीनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। लेखराज मलोया में परिवार समेत किराये पर रहता था। उसके दो बच्चे हैं। वह सेक्टर 44 में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था।
8 से 10 घरों में नुकसान
हादसे के दौरान सुरस्ती के घरवाले छत पर बैठे थे। धमाका इतना जोरदार था कि वहां पर तीन से चार घरों की दीवारों पर दरारें पड़ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि जैसे भूकंप आया हो। धमाके की वजह से गली में खड़ी एक्टिवा और लेखराज की साइकिल क्षतिग्रस्त हो गई। धमाके में आठ से दस घरों की दीवारों में दरार आ गई हैं। मलोया थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।