शांति और शिवलाल के परिवार को अब एकसूत्र में कौन पिरोएगा। एक लौ से दो लोगों की जिंदगी बुझ गई। परिवार ने सोचा नहीं था कि वीरवार की परिवार के लिए इतनी भयावह साबित होंगी कि चंद घंटों में उनका हंसता परिवार बिखर जाएगा। आज जहां शांति के बच्चे और पति घर के एक कोने में बेसुध पड़े रो रहे हैं।
वहीं शिवलाल की पत्नी की आंखें रो रोकर सुख गईं हैं। वह पति की अस्थियां लेकर शनिवार को गांव चली गई हैं। यह हादसा इंडस्ट्रियल एरिया अभयपुर में बीते वीरवार को हुआ था। रसोई गैस लीक होने से घर में आग लगी थी और पांच लोग झुलस गए थे।
आनंद का पीजीआई में चल रहा इलाज
शांति के भाई का इलाज अभी पीजीआई में चल रहा है। उसका करीब 50 फीसदी शरीर जल चुका है। उसके दो छोटे छोटे बच्चे हैं। मृतक शांति के पति भूरेलाल ने बताया कि घर संभालें या साले को। घर में एक तरफ जहां बच्चे बेसुध हैं। वहीं पीजीआई में उसके साले आनंद का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पुलिस और इमरजेंसी नंबरों का क्या फायदा जो लोगों की हिफाजत ही न कर सके।
अगर समय पर फायर ब्रिगेड और पुलिस कंट्रोल रूम के आपातकालीन नंबरों पर कॉल रिसीव कर ली जाती तो आज उन्हें दो जानें न खोनी पड़ती। आंखों में आंसू लिए शांति का पति भूरेलाल कहते हैं कि पत्नी के निधन के बाद उसके परिवार को एकसूत्र में कौन पिरोएगा।