शहर में जगह-जगह मोबाइल नंबर देकर अपना प्रचार करने वालों के खिलाफ नगर निगम अब सख्ती बरत रहा है। निगम ने ऐसे करीब 90 नंबरों की एक सूची तैयार की है, जिन्होंने दीवारों, पेड़ों या खंभों पर पोस्टर लगाकर केवल अपना मोबाइल नंबर दिया होता है।
इन नंबरों की सूची बनाकर डीएसपी साइबर क्राइम को भिजवा दी गई है। साइबर क्राइम इन नंबरों की पड़ताल करेगा और इनके सही पते खोजे जाएंगे। फिर नगर निगम इनके पतों पर एडवर्टीजमेंट कंट्रोल ऑर्डर 1954 के तहत नोटिस भिजवाएगा।
गौरतलब है कि लोग एडवर्टीजमेंट फीस से बचने के लिए अपने एड्रेस की जगह सिर्फ मोबाइल नंबर लिखकर पंफलेट या स्टीकर जगह-जगह चिपका देते हैं।
ऐसा ज्यादातर टिफिन सर्विस, पीजी, टू-लेट या फिर एकेडमी का प्रचार करने के लिए किया जाता है। निगम ने अब इन पर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं जिन्होंने अपने मोबाइल नंबर के साथ पता भी दिया होता है, उनको तो पहले ही नोटिस भिजवा दिए गए हैं।
चुकानी पड़ेगी 6 महीने की एडवर्टीजमेंट फीस
नगर निगम की परमिशन के बिना लगे इन पोस्टरों को अब छह महीने की एडवर्टीजमेंट फीस के तहत जुर्माना लगाया जा रहा है। इससे बचने के लिए उन्हें साबित करना होगा कि ये पोस्टर कब लगाए गए थे।
साबित करने पर उन्हें उतने ही दिन की फीस चुकानी पड़ेगी। जुर्माने के रूप में 100 रुपये प्रति स्क्वायर फीट प्रतिदिन की फीस लगाई जा रही है।
निगम की परमिशन के बिना विज्ञापन देने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इन पर एडवर्टीजमेंट कंट्रोल ऑर्डर के तहत 6 महीने का एक साथ विज्ञापन शुल्क जुर्माने के रूप में लिया जा रहा है।
वीपी सिंह, कमिश्नर, नगर निगम