पंजाब में कर्फ्यू के दौरान घरों से बाहर निकलने वाले लोगों से पुलिस द्वारा मारपीट करने और उनके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। इन घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य पुलिस को ऐसे मामलों के प्रति ज्यादा मानवीय और संवेदनशील होने की हिदायत दी है।
उन्होंने पुलिस मुलाजिमों को इस मुश्किल घड़ी में अधिक से अधिक संयम बरतने को भी कहा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सिख फार जस्टिस (एसएफजे) के मुखी गुरपतवंत सिंह पन्नू को भी लताड़ा जो पुलिस मारपीट के मुद्दे पर राज्य के नौजवानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस मुलाजिमों से कहा कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले, ख़ास कर जरूरी वस्तुओं के लिए घर से बाहर निकलने वालों के मामलो में ज्य़ादा हमदर्दी भरा व्यवहार अपनाया जाए। कैप्टन ने कहा कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों को सजा देने की आड़ में मारपीट की इजाजत नहीं दी जा सकती।
उन्होंने डीजीपी दिनकर गुप्ता को पुलिस मुलाजिमों को संवेदनशील बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाने के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने डीजीपी को कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों से निपटने के नाम पर कानून को अपने हाथों में लेने वालों को लताडने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने लोगों को घरों में रहने की अपील करते हुए कहा कि आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों के जरिए पुलिस और सिविल प्रशासन से संपर्के करें। उन्होंने कहा कि जरूरी वस्तुएँ और सेवाओं को घरों तक पहुँचाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। पूरा पुलिस और सिविल प्रशासन दिन-रात काम में जुटा हुआ है ताकि यह यकीनी बनाया जा सके कि नागरिकों को किसी तरह की असुविधा या कठिनाई का सामना न करना पड़े।
लोगों से मारपीट बर्दाश्त नहीं होगी: डीजीपी
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि बड़े स्तर पर पुलिस मुलाजिमों ने जिम्मेदारी और सहजता दिखाई है लेकिन कुछ मामलों में मुलाजिमों द्वारा कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर जोर जबरदस्ती के मामले सामने आए हैं। गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पुलिस कमीशनरों और जिला पुलिस प्रमुखों को हुक्म दिए हैं कि जमीनी स्तर के पुलिस अफसरों को स्पष्ट आदेश दिया जाए कि लोगों से मारपीट को बिल्कुल बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी समाज ऐसे दृश्यों को सहन नहीं कर सकता। जहाँ भी जरूरत हो, उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। डीजीपी ने कहा,‘‘हम ऐसे कुछ उलट काम करके हमारे द्वारा किये जा रहे नेक कामों पर धब्बा नहीं लगवाना चाहते।
नौजवानों को भड़काने की कोशिश सहन नहीं होगी: कैप्टन
सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा जारी किए रिकार्डेड टेलीफोन संदेश पर कैप्टन ने कहा कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए पंजाब के नौजवानों को भड़काने की उसकी किसी भी कोशिश को सहन नहीं किया जायेगा। पन्नू के संदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पन्नू को पंजाबियों की जिंदगी की परवाह नहीं है, जिसमें उसने उन्हें (कैप्टन) और डीजीपी दिनकर गुप्ता को भी कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध किसी भी कार्रवाई के लिए गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है।
पंजाब के पत्रकारों को फोन कर पन्नू ने कैप्टन को दी चेतावनी
कर्फ्यू के दौरान आम लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पुलिस द्वारा पीटे जाने, सड़कों पर मुर्गा बनाने, गाली-गलौज करने जैसे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ढेरों वीडियो को मुद्दा बनाते हुए वीरवार को सिख फार जस्टिस (एसएफजे) के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी है।
पन्नू ने सूबे की राजधानी चंडीगढ़ में तैनात पंजाब के पत्रकारों को आटोमेटिड सिस्टम के जरिए दो से तीन बार फोन किए। फोन रिसीव करते ही दूसरी तरफ से पन्नू की आवाज में मुख्यमंत्री और डीजीपी को सीधे चुनौती देते हुए कहा गया कि प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना के कहर के दौरान सूबे के नौजवानों पर अत्याचार किए जा रहे हैं।
इस बर्ताव के लिए मुख्यमंत्री और पुलिस प्रमुख को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्यवाही का सामना करना होगा। फोन पर आगे कहा गया कि हम पहले भी आपको आगाह कर चुके हैं कि सूबे के नौजवानों पर अत्याचार न किया जाए।