सीटीयू प्रबंधन की लापरवाही से अब लोकल रूट प्रभावित हो रहे हैं। लोकल रूट मजबूत करने के लिए सीटीयू ने जिन बसों को लॉन्ग रूट से हटाकर लोकल चलाया था, अब उन्हें दोबारा लॉन्ग रूट पर उतार दिया गया है।
सीटीयू में पहले ही बसों की कमी चल रही, लेकिन नई बसें लाने की बजाय लॉन्ग और लोकल रूट पर बसों को इधर से उधर करने का खेल खेला जा रहा है। इसी एडजस्टमेंट में यात्रियों को भी खासी परेशानी हो रही है।
सीटीयू ने अभी हाल ही में 35 लॉन्ग रूट बंद कर दिए थे और उन बसों को लोकल चला दिया था। इनमें से 17 रूट सीटीयू ने दोबारा बहाल कर दिए हैं। कुछ रूट अप्रैल में शुरू किए गए थे और कुछ को मई से शुरू कर दिया गया है। आने वाले दिनों में लोकल रूट की और बसें बंद होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
इस बारे में जब सीटीयू के जनरल मैनेजर एसपी परमार से पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया। उनका बस यही कहना था कि अगले महीने तक नई बसें आनी शुरू हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि 49 मिडी बसें खरीदी जा रही हैं।
कब-कब बंद हुए लॉन्ग रूट
30 नंबवर,2013: 12 रूट
12 दिसंबर, 2013: 5 रूट
26 मार्च,2014: 13 रूट
27 मार्च, 2014: 5 रूट
इन शहरों के लिए दोबारा चलीं बसें
सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ से रोहतक, अमृतसर, ज्वाला जी, बैजनाथ, तलवाड़ा, मनाली, धर्मशाला, दिल्ली, हिसार, सिरसा, हरिद्वार, कटरा और दीनानगर (गुरदासपुर) आदि शहरों के लिए दोबारा से बसें चला दी हैं।
इससे कोई खास फर्क नहीं होगा, लेकिन अगर ज्यादा बसें दोबारा लॉन्ग रूट पर उतारी तो लोकल रूट काफी प्रभावित होगा।
- मोहर सिंह, अध्यक्ष, चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन