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सीटीयू बसों में लगेगा क्यूआर कोड, यात्री ऑनलाइन करेंगे टिकट का भुगतान

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बसों में यात्रियों को जल्द ही क्यूआर कोड उपलब्ध होने जा रहा है। इससे लोगों को कैशलेस ट्रांसजेक्शन में मदद मिलेगी। साथ ही किसी यात्री के पास कैश नहीं होने की स्थिति में क्यूआर कोड को स्कैन कर वह ऑनलाइन टिकट का भुगतान कर सकेगा।
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सीटीयू ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत करने की योजना बना ली है और बैंकों से आवेदन भी मांग लिए हैं।डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत सीटीयू अपनी बसों में इस सुविधा की शुरुआत करने जा रहा है। पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो रूटों पर करीब 10 बसों में इसे शुरू किया जाएगा। इसके बाद सभी बसों में इस नए सिस्टम लागू किया जाएगा। विभाग ने इच्छुक बैंकों व कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। यह सुविधा मिलने के बाद यात्रियों के लिए पेमेंट करना आसान हो जाएगा।
जानकारी के अनुसार, नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया ने सीटीयू की बसों में क्यूआर कोड से पेमेंट की सुविधा प्रदान करना अनिवार्य किया है। इस संबंध में डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि वह सीटीयू की सभी बसों में यह सुविधा प्रदान करेंगे। यात्री कंडक्टर के पास मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर टिकट का भुगतान कर सकेंगे। विभाग पिछले काफी दिनों से इस पर काम कर रहा है और अब उन्हें जल्द ही इसके शुरू होने की उम्मीद है।
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यूपीआई से होगी पेमेंट, ग्राहक को मिलेगी रसीद
विभाग की तरफ से साफ किया गया है कि कंपनी की तरफ से जो क्यूआर कोड तैयार किया जाएगा, उसमें किसी भी यूपीआई सक्षम एप से पेमेंट रिसीव की सुविधा होनी चाहिए। बैंक द्वारा बस कंडक्टर को फ्री में पेपर बेस्ड क्यूआर कोड प्रदान करने होंगे। क्यूआर कोड कंडक्टर के मोबाइल नंबर के साथ ही जुड़ा होगा। इसके अलावा बसों में स्पीकर का भी प्रावधान किया जाएगा ताकि अगर मोबाइल बंद हो तो क्यूआर कोड में रिसीव अमाउंट की स्पीकर से अनाउंसमेंट हो सकें। बसों में कडंक्डर सीट के नजदीक ही क्यूआर कोड लगाया जा सकता है। इसके लिए इच्छुक बैंक व कंपनियां 25 सितंबर तक आवेदन कर सकती हैं। विभाग की तरफ से जिस भी कंपनी का चयन किया जाएगा, उन्हें सीटीयू की बसों के लिए डिजाइनिंग व यूपीआई क्यूआर कोड प्रदान करना होगा। इसमें ट्राइसिटी, लांग रूट व सब अर्बन बसों सभी में ये सिस्टम प्रदान किया जाना है।
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