सीटीयू के बस चालक सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। सब कुछ जानने के बावजूद एसटीए की ओर से इनकी कोई जांच नहीं की गई है। अगर इस तरह के हालात में कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो जिम्मेवार कौन होगा। यह एक बड़ा सवाल है। सोमवार को शहर के बस स्टैंड और बस स्टॉप पर अमर उजाला टीम की ओर से सीटीयू बसों की हकीकत जांची गई। इसमें यह सामने आया कि 400 बसों में कोई भी ड्राईवर सीट बेल्ट नहीं बांधता है। और वहीं कई ड्राईवर ड्यूटी के दौरान वर्दी भी नहीं पहनते हैं।
एसटीए की ओर से अभी तक कोई चालान सीटीयू बसों का नहीं किया गया है। इस कारण यह धड़ल्ले से चल रहा है। बसों में स्टूडेंट्स गेट पर लटके होते हैं। इसकेे बाद भी अतिरिक्त बसों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण स्टूडेंट्स को परेशानी होती है। सेक्टर - 17 बस स्टैंड पर 11.45 बजे अमर उजाला की टीम पहुंची। यहां पर एसी और नॉन एसी 50 बसों की जांच की गई। इसमें कोई भी ड्राईवर सीट बेल्ट नहीं लगाया मिला। वहीं कई ड्राईवर बिना वर्दी के गाड़ी चलाते दिखे।
वहीं सेक्टर - 43 बस स्टैंड भी 1 बजे गए। यहां पर भी यही हाल रहा। वहीं इंटर स्टेट बस सर्विस के भी ड्राईवर नियम का फालो नहीं करते हैं। इसके बाद तीन सौ पुलिस और एसटीए इन पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। इस तरह के हालात में अगर कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेवार होगा। वहीं सेक्टर - 18 गर्वमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी यही हालात बने हुए हैं। यहां पर भी बसों में ड्राईवर बस चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाते हैं। वहीं कडंक्टर सही तरीके से बसों का दरवाजा भी नहीं खोलते। इस कारण परेशानी होती है।