चंडीगढ़। हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी खातों से 645 करोड़ रुपये के गबन से जुड़े बैंक घोटाले में ट्राइसिटी के ज्वेलर्स की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं को कथित शेल कंपनियों के जरिये करीब 95.81 करोड़ रुपये पहुंचाए गए। ईडी ने 29 सितंबर को ट्राइसिटी में 14 ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान 4.30 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए, जबकि ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में करीब 22 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए। कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त हुए।
ईडी की जांच के अनुसार, रिभव ऋषि की ओर से संचालित मध्यवर्ती शेल संस्थाओं से पांच ज्वेलर्स तक करीब 58 करोड़, 26 करोड़, पांच करोड़, 3.66 करोड़ और 3.15 करोड़ रुपये पहुंचे। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन को अलग-अलग लेनदेन में घुमाया गया और कारोबारी लेनदेन के रूप में पेश करने का प्रयास किया गया। जांच फरवरी 2026 में हरियाणा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एफआईआर में विकास एवं पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों के बैलेंस में कथित गड़बड़ी का उल्लेख है।
ईडी के मुताबिक, सरकारी खातों से कथित तौर पर निकली रकम ज्वेलर्स के खातों में पहुंची और इसके बाद कथित रूप से आरोपी आईएएस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तक गई। सीबीआई पंचकूला की विशेष अदालत में दाखिल तीसरी चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों—मोहम्मद शाईन, साकेत कुमार, विनीत गर्ग, पंकज अग्रवाल, आरके सिंह और सेवानिवृत्त प्रदीप कुमार—समेत अन्य सरकारी कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है।
मानेसर लैंड स्कैम में टीडीआई ग्रुप की भूमिका घेरे में
ईडी ने 28 सितंबर को टीडीआई ग्रुप के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा और समूह से जुड़ी कंपनियों के परिसरों पर पीएमएलए के तहत तलाशी ली। जांच में 2005 से 2007 के दौरान मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला में तीन कंपनियों के जरिये किसानों से करीब 33 एकड़ जमीन खरीदने और बाद में इसे अतुल बंसल के एबीडब्ल्यूआईएल ग्रुप की कंपनियों को ऊंचे मुनाफे पर बेचने की पड़ताल हो रही है।
अब तक 211 करोड़ की संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में
ईडी के अनुसार, मानेसर लैंड स्कैम मामले में अब तक चार आरोपियों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। करीब 211 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की गई हैं। 14 आरोपियों के खिलाफ पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की गई है। 29 सितंबर की कार्रवाई में मिले दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच से लेनदेन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।