रेप के बाद पीड़िता को मेडिकल और इलाज में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए शहर में जल्द ही तीन ‘वन स्टाप क्राइसिस सेंटर फार सेक्सुअल असाल्ट विक्टिम्स’ बनाए जाएंगे।
ये सेंटर पीजीआई, जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में बनेंगे। जीएमसीएच-32 में एक महीने के भीतर सेंटर बनाने का दावा किया गया है।
इसमें रेप पीड़िता का मेडिकल, इलाज, काउंसिलिंग, बयान व अन्य जरूरी कार्रवाई एक छत के नीचे किया जाएगा। वर्तमान में पीड़िता को जगह-जगह ठोकरे खानी पड़ती थी।
जीएमसीएच-32 में इस बारे में शुक्रवार को एक दिवसीय सीएमई का आयोजन किया गया। इसमें पीजीआई, जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 व पंचकूला सिविल अस्पताल के डाक्टरों ने हिस्सा लिया। जीएमसीएच-32 के फोरेंसिक मेडिसन के हेड आफ डिपार्टमेंट व प्रोफेसर दशारी हरीश ने बताया कि हाल ही में सेंट्रल से इसके लिए गाइडलाइंस जारी की गई है।
इस दौरान सेफ किट के बारे में भी डिमॉनस्ट्रेशन दिया गया। पिछले साल दिल्ली गैंगरेप के बाद मिनिस्ट्री आफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने कई दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके तहत क्राइसिस सेंटर बनाए जाने थे।
यह सभी डिस्ट्रिक हेड क्वार्टर में बनाए जाने हैं। इसके अलावा सेंटर के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और को-ऑर्डिनेशन पर प्रकाश डाला गया। इस मौके पर जीएमसीएच 32 के प्रिंसिपल डायरेक्टर प्रोफेसर अतुल सचदेवा, सुनील गंभीर, डॉ. अजय कुमार सहित कई लोग शामिल रहे।