24 दिसंबर को सभी रस्म पूरी होने के बाद वह गुड़िया को लेकर अपने घर आ गए। गुड़िया के साथ उनके घर पर लक्ष्मी नाम की महिला भी आई थी। उसी दिन लक्ष्मी वापस दिल्ली चली गई। बाद में 25 दिसंबर को सुबह साढ़े छह बजे गुड़िया बिना कुछ बताए घर से आभूषण व नगदी लेकर भागने लगी। तभी उसकी आंख खुल गई। उसने देखा कि उनके घर के बाहर ईको वैन खड़ी थी। वैन में चालक, एक महिला और एक अन्य व्यक्ति बैठे थे।
वह उसकी पत्नी गुड़िया को काजल के नाम से पुकार रहे थे। वह बाहर आया तो उसे देखकर ईको सवार मौके से भाग गए। वैन से उसकी गड़िया की बहन उतरकर उनके घर आ गई। इस पर उन्हें शक हुआ कि शादी के नाम पर उनके साथ धोखा हुआ है। वह 26 दिसंबर को थाना सदर में शिकायत दी। इसके बाद गुड़िया व उनके परिवार के लोग थाना सदर आ गए। जहां पर गुड़िया ने उनके साथ रहने से मना कर दिया।
दिल्ली के केवल पार्क में रहने वाली वह अपनी बहन के साथ चली गई। उन्होंने अपने स्तर पर पता किया तो जानकारी मिली कि गुड़िया का असली नाम काजल है। वह पहले से शादीशुदा है और तीन साल के बेटे की मां है। उन्होंने पैसे ऐंठने के लिए शादी का षड्यंत्र रचा था। वह उनके घर से आभूषण व नकदी लेकर भागना चाहती थी। अगर सुबह उनकी आंख नहीं खुलती तो वह भाग गई होती। इसमें बिचौलिया सतीश भी मिला हुआ है। पुलिस ने अमानत में खयानत में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।