स्वच्छ भारत के साथ साथ लोगों को नशा छोड़ने का संदेश देने वाले सोई (स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया) के मालवा जोन-3 सीनियर उप प्रधान फतेहजीत सिंह उर्फ फतेह को एसटीएफ की टीम ने नशे की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम ने आरोपी को डाबा इलाके में नाकाबंदी के दौरान पकड़ा। उसके कब्जे से आधा किलो हेरोइन बरामद की है। इसके अलावा आरोपी से पुलिस ने युवा एंटी करप्शन के जिला उप प्रधान का पहचान पत्र भी मिला है।
मामले में थाना डिविजन छह में मोहल्ला अमरपुरी निवासी फतेहजीत सिंह उर्फ फतेह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को मंगलवार अदालत में पेश किया। जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है। एसटीएफ के जिला इंचार्ज सब इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने बताया कि पुलिस पार्टी ने डाबा के कबीर नगर के पास नाकेबंदी कर रखी थी।
आरोपी अपनी सफेद रंग की ऑल्टो कार में जा रहा था तो पुलिस पार्टी को देख कर घबरा गया। आरोपी ने गाड़ी घुमाने की कोशिश की तो पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया और तलाशी के दौरान आधा किलो हेरोइन बरामद किया।
तलाशी देने से किया इंकार, फिर जमाया राजनीतिक रौब
पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान जब फतेहजीत सिंह उर्फ फतेह को रोका तो आरोपी ने पहले पुलिस को युवा एंटी करप्शन का रौब दिखाना चाहा, उसके बाद आरोपी ने खुद को यूथ अकाली दल का नेता बताकर रौब दिखाया। जब पुलिस ने तलाशी लेने की बात की तो उसने मना कर दिया और उन्हें अपने राजनीतिक आकाओं के नाम पर धमकियां दी। पुलिस ने उसकी एक न सुनी और तलाशी ली तो अपनी कमर के साथ हेरोइन का पैकेट बांध रखा था जो पुलिस ने बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
कपूरथला जेल में बंद गैंगस्टर बाक्सर के जरिये चलता है नशे का नेटवर्क
आरोपी फतेह सिंह, गैंगस्टर राकेश कुमार उर्फ बॉक्सर (बाक्सर ग्रुप) का दोस्त भी है। हालांकि, बाक्सर इस समय टिंकू हत्याकांड में जेल में बंद है, जो पहले लुधियाना जेल में था, इसके बाद उसे नाभा जेल शिफ्ट गया तो अब बाक्सर कपूरथला जेल में है। नशे का असली नेटवर्क बाक्सर जेल के अंदर से आपरेट कर रहा है। वह मोबाइल पर फतेह के संपर्क में था। गैंगस्टर बाक्सर ही मोबाइल पर फतेह को बताता था कि कहां से और किस व्यक्ति से हेरोइन लेकर आनी है, इसके बाद आगे किस-किस को सप्लाई करनी है।
नशा छुड़ाओ मुहिम में शामिल हो कराता था पुलिस मीटिंग
आरोपी फतेहजीत सिंह का आकली दल के कई नेताओं से अच्छा संपर्क था। वह इसी का फायदा उठा रहा था। पुलिस की नजर से बचने के लिए आरोपी पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ छेड़ी गई जंग में भी शामिल हो गया था। उसने अपने इलाकों में नशे के खिलाफ कई पुलिस-पब्लिक मीटिंग भी करवाई, ताकि उस पर किसी को शक न हो। इस दौरान उसने कई पुलिस अधिकारियों और एसएचओ के साथ फोटो भी खिंचवाई है, जोकि उसने अपने सोशल मीडिया के फेसबुक पेज पर डाली है ताकि उसका रौब बना रहे।
आरोपी एंटी करप्शन का वाइस प्रधान भी रह चुका है
आरोपी फतेहजीत सिंह, युवा एंटी करप्शन नाम की संस्था का वाइस प्रधान भी रह चुका है। उसने पार्षद के इलेक्शन में फार्म भी भरे थे। लेकिन, मारपीट का मामला दर्ज होने के कारण वह रिजेक्ट हो गए थे। इसके अलावा आरोपी ने बताया कि वह पिछले ढाई वर्षों से नशा बेचने का काम कर रहा है। वह रोपड़ के एक व्यक्ति से हेरोइन लेकर आता है, और फिर लुधियाना शहर के अलग-अलग इलाकों में बेचता है।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
एसटीएफ के जिला इंचार्ज सब इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने बताया कि आरोपी फतेह सिंह दो दिन के पुलिस रिमांड पर है। उससे पूछताछ की जा रही है। उसके साथी बाक्सर को भी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।