फर्नीचर के काम में घाटा होने व नोटबंदी के कारण काम ठप होने से परेशान गांव मल्लण के मिस्त्री ने शनिवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
गांव मल्लण निवासी दर्शन सिंह (43) पुत्र गुरदेव सिंह गांव के बस स्टैंड पर ही बाबा विश्वकर्मा हाउस की दुकान करता था। वह बीते तीस वर्ष से फर्नीचर का काम कर रहा था।
मृतक के भाई ने बताया कि काम में आई मंदी के कारण उस पर करीब 17 लाख रुपये का कर्ज था। साथ ही नोटबंदी के कारण काम भी नहीं चल पा रहा था।
इस कारण वह अकसर परेशान रहता था। इसी परेशानी के चलते ही उसने बीते शुक्रवार की रात को अपनी दुकान में ही चैनल से फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।