चिकित्सकों के अनुसार गर्दन की हड्डी टूटने से व्यक्ति की तुरंत मौत हो जाती है। ऐसे में सुभाष की गर्दन की हड्डी टूटना कई सवाल खड़े करता है। सुभाष के मकान मालिक रविंद्र सेठी, सहकर्मी अशोक कुमार व अन्य कर्मचारियों का कहना है कि जब वह पहुंचे थे तो सुभाष अपने बिस्तर पर बेसुध पड़ा हुआ था।
गर्दन की हड्डी फंदा लगाने से, किसी के तोड़ने या ठोस चीज से वार करने पर टूट सकती है। लेकिन सुभाष के मामले में ऐसी कोई चीज सामने नहीं आई। वहीं पुलिस का कहना है कि जब उन्होंने मौका मुआयना किया था तो वहां हालात समान्य थे। अगर सुभाष की हड्डी गिरने से टूटी है तो वह बिस्तर पर कैसे पहुंचा। इन सवालों का जवाब पुलिस के पास नहीं हैं।
रात को हुआ था बीपी लो
सुभाष के साथी कर्मचारी अशोक ने बताया कि 25 दिसंबर को उसने सुभाष को कॉल किया था, तो उसने तबीयत ठीक न होने की बात कही थी। जिस पर शाम को वह काम खत्म कर उसका हाल चाल जाने कमरे पर गया। सुभाष की तबीयत ठीक नहीं थी। जिसके बाद उसने मेडिकल संचालक को बुलाया और उसने बीपी चेक किया। सुभाष का बीपी लो था। जिसके बाद उसने उसे दवा दी। तीन बार सुभाष का बीपी जांचा गया। जिसके बाद वह काफी ठीक हो गया था।
हत्या की संभावनाओं को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से करवाया गया है। कमरे की जांच की गई लेकिन वहां हालात सामान्य मिले। वहीं परिवार वालों ने भी किसी पर शक नहीं जताया है। उसके साथी कर्मचारियों ने भी ऐसी संभावनाओं से इनकार किया है। फिलहाल विसरा लैब भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है।- मुकेश कुमार, एसएचओ, थाना फर्कपुर।