मौके का मुआयना करते एसपी
गुरुवार को सुबह के वक्त वह अपने बेटे दीपांशु उर्फ मोंटी के साथ चुहड़पुर स्थित बालाजी स्टोन क्रशर पर चला गया था। घर पर दीपांशु की पत्नी रोजी और सात महीने का पुत्र था। दोपहर को करीब एक बजे उन्होंने रोजी के मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। बार-बार कॉल करने पर कोई रिस्पांस नहीं मिला तो सामने रहने वाले अपने नौकर बिहार के मधुबनी निवासी राजेश को घर पर भेजा।
राजेश ने बताया कि मुख्य दरवाजा अंदर से बंद है, इसलिए वह दीवार फांदकर अंदर घुसा। बेडरूम में गया तो रोजी खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी और बेड पर बच्चा रो रहा था। उसने अपने मालिक को घटना से अवगत कराया।
कंट्रोल रूम में नहीं उठाया गया कॉल
परिजनों का कहना है कि वारदात के बाद उन्होंने कई बार पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर, एम्बुलेंस के 102 और 108 पर संपर्क किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। जिस पर वे अपने पड़ोसियों को साथ लेकर पास ही स्थित पुलिस चौकी में गए और घटना के बारे में जानकारी दी। उसके बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची।
एसपी कुलदीप यादव का कहना है कि मामले की जांच के लिए सीआईए समेत चार टीमें गठित की गई हैं। अभी परिवारवालों ने किसी पर कोई शक नहीं जताया है। लूट या चोरी के निशान भी हीं मिले हैं। प्रथमदृष्टया महिला के मर्डर करने का मकसद सामने आया है। गली में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी चेक कर रहे हैं। पुलिस तमाम एंगल को ध्यान में रखकर इंवेस्टिगेशन कर रही है।