सुधार गांव में सोमवार को एक मां ने अपनी तीन वर्षीय बेटी हत्या कर दी। बेटी की हत्या करने के बाद महिला ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन वह बच गई।
कुलदीप की सास दलजीत कौर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 2010 में उनके बेटे गुरदीप सिंह की शादी खुदाई चक्क गांव की कुलदीप से हुई थी। कुलदीप के पिता सुरिंदर फर्नीचर कारपेंटर थे। सुरिंदर के पास गांव भरोवाल कलां का गुरप्रीत सिंह काम करता था।
गुरप्रीत और कुलदीप के बीच प्रेम संबंध थे। शादी के बाद भी कुलदीप ने गुरप्रीत से अपना नाता नहीं तोड़ा। कुलदीप तो यहां तक कहने से भी परहेज नहीं करती ती कि जैसमीन उसके पति की नहीं बल्कि गुरप्रीत सिंह की बेटी है।
दलजीत कौर ने कहा कि कई बार कुलदीप के मां-बाप और पंचायत बुलाकर उसे समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं मानी। गुरप्रीत सिंह आजकल दुबई में नौकरी कर रहा है।
प्रेमी ने कहा, घर तबाह करना था मकसद
दलजीत कौर ने कहा कि तीन दिन पहले रात को उनके बेटे गुरदीप सिंह ने कुलदीप को गुरप्रीत से बात करते पकड़ लिया। दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ। अगले दिन कुलदीप के मां-बाप और अन्य रिश्तेदार आए तो पंचायत ने गुरप्रीत को समझाने के लिए दुबई में फोन किया।
इस पर गुरप्रीत ने कहा कि जो मेरी नहीं हुई तो वह अपने पति की क्या होगी। गुरप्रीत ने यह भी कहा कि उसका मकसद कुलदीप का घर तबाह करना था जिसमें वह कामयाब हो गया है। उसने कहा अब उसे कुलदीप से कोई लेना-देना नहीं। इसके बाद सोमवार सुबह सात बजे कुलदीप ने इस हत्याकांड को अंजाम दे दिया।
थाना सुधार के एसएचओ जसविंदर सिंह खैहरा ने कहा कि कुलदीप कौर ने स्वीकार किया है कि उसने खुद ही अपनी बेटी जैसमीन का गला दबा कर उसकी हत्या की है और बाद में खुदकुशी करने की कोशिश की है।
मासूम की क्या गलती थी
दलजीत ने कहा कि सुबह वह गुरुद्वारे गई थी। उनके पति अवतार सिंह अपनी दुकान पर चले गए। बेटा गुरदीप लुधियाना काम पर चला गया। कुलदीप जैसमीन के साथ घर में अकेली थी और उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
जब वह गुरुद्वारे से वापस आई तो रोजाना की तरह वह जैसमीन को उठाने गई तो कुलदीप ने उस पर चद्दर डाल दी और कहा कि अब वह कभी नहीं उठेगी। दलजीत ने कहा कि वह जैसमीन को उठाकर अपने देवर जसविंदर सिंह के घर भागी। वहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जैसमीन के पिता गुरदीप सिंह ने बिलखते हुए कहा कि काश वह आज काम पर न जाता तो उसकी बेटी शायद जिंदा होती। थाना सुधार की पुलिस ने महिला कुलदीप कौर के खिलाफ हत्या और खुदकुशी की कोशिश करने का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। कुलदीप कौर अभी सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन है।